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गोण्डा में बाहुबलियों का दबदबा, सहारनपुर में बसपा समर्थित उम्मीदवार जीते

उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण के कई परिजनों को सफलता मिली है। हाल ही में..

Author गोण्डा/देवबंद (सहारनपुर)/मोदीनगर | November 3, 2015 01:32 am

उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण के कई परिजनों को सफलता मिली है। हाल ही में मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किए गए योगेश प्रताप सिंह भी अपने दो परिजनों को चुनाव जिताने में कामयाब हो गए हैं। वहीं बलरामपुर जिले में जन्तु और उद्यान मंत्री डॉक्टर शिव प्रताप यादव के तीन परिजन समेत वहां के सपा जिलाध्यक्ष भी चुनाव हार गए हैं।

उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए हुए रविवार को शुरू हुई मतगणना सोमवार दोपहर बाद खत्म हो गई। इस बार पंचायत चुनाव के नतीजे काफी चौकाने वाले रहे। सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के प्रभावशाली नेताओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के पदों को हथियाने के लिए अधिकाधिक संख्या में अपने निकटतम परिजनों और रिश्तेदारों को मैदान में उतारा। उनमें से कुछ को सफलता मिली और कुछ बुरी तरह हार गए।

पंचायत चुनाव में सर्वाधिक सफलता हाल ही में राज्य मंत्री से पदोन्नति पाकर कैबिनेट मंत्री बनाए गए विवादित नेता विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह के खाते में दर्ज हुई है। उनके परिवार के आठ सदस्य किसी न किसी क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। पंडित सिंह के छोटे भाई महेश सिंह रुपईडीह विकास क्षेत्र के दुल्हापुर पहाड़ी से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं, तो महेश की पत्नी पंडरी कृपाल विकास क्षेत्र के पंडरी कृपाल पश्चिमी क्षेत्र से भारी मतों के अंतर से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई हैं। पंडित सिंह के सबसे छोटे भाई नरेंद्र सिंह पंडरी कृपाल के ही कंधरातेजी क्षेत्र से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं तो नरेंद्र की पत्नी बबिता सिंह नवाबगंज विकास क्षेत्र के जलालपुर क्षेत्र से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गई हैं।

पंडित सिंह के भतीजे सूरज सिंह भदुआ सोमबंशी से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं, तो सूरज की पत्नी श्रद्धा सिंह वजीरगंज दक्षिणी से निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई हैं। पंडित सिंह का भजीता वतन सिंह झंझरी विकास क्षेत्र के बनघुसरा द्वितीय से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुना गया है, जबकि पंडित सिंह का बेटा अभिषेक सिंह नरायन ईंधा से क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुआ है।

जिले के अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों में हाल ही में राज्य मंत्री पद से बर्खास्त किए गए योगेश प्रताप सिंह की पत्नी और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विजय लक्ष्मी सिंह भंभुआ क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत गई हैं। योगेश के छोटे भाई चंद्रेश प्रताप सिंह कर्नलगंज क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। कैसरगंज संसदीय सीट से बाहुबली भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की पत्नी और पूर्व सांसद केतकी सिंह नवाबगंज क्षेत्र से चुनाव जीत गई हैं। वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार बताई जा रही हैं। उनकी देवरानी अरुंधती सिंह भी चौखड़िया से क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्विरोध चुनी गई हैं।

बृजभूषण सिंह के बेटे करन भूषण सिंह नगवा से, उनकी पुत्रवधू हर्षिता सिंह खड़ौवा से और एक अन्य पुत्रवधू नेहा सिंह बालापुर से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जीत गई हैं। बलरामपुर जिले में समाजवादी पार्टी को करारा झटका लगा है। यहां प्रदेश के जन्तु उद्यान राज्य मंत्री डॉक्टर शिव प्रताप यादव के तीनों परिजन चुनाव हार गए हैं। डॉ. यादव की पत्नी मिथिलेश यादव रतनपुर क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गई हैं। डॉक्टर यादव के बेटे राकेश यादव जरवा बनगाई क्षेत्र से और पुत्रवधू जगप्रिया यादव गौरा बगनहा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गई हैं। सपा के जिलाध्यक्ष ओंकार यादव भी अपनी कुर्सी सुरक्षित नहीं कर सके और मोतीपुर जिला पंचायत क्षेत्र से चुनाव हार गए।

उधर, सहारनपुर में जिला पंचायत चुनाव में बहुजन समाज पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 49 में से 25 सीटें जीत ली हैं। बसपा विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉक्टर धर्म सिंह सैनी और बसपा के जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने इस जीत का श्रेय मायावती को दिया है।  भाजपा ने पहली बार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भाजपा समर्थित आठ उम्मीदवार जीते। इनमें बाबूराम राठौर, राजेश बाल्मीकी, सीमा देवी,नक्षत्र पंवार, शशि त्यागी, राहुल देव, किरणपाल एवं अनिल कौरी शामिल हैं। भाजपा के प्रांतीय मंत्री जसवंत सैनी को 15 सीटें जीतने की उम्मीद थी। लेकिन बसपा के पक्ष में दलित-मुसिलम गठजोड़ बनने से ऐसा नहीं हो सका।

पिछले तीन बार से सहारनपुर जिला पंचायत का अध्यक्ष बसपा का ही रहा है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता चौधरी, वार्ड 39 से फिर से चुनी गई हैं। जबकि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गायत्री चौधरी को बसपा की मुनेश चौधरी ने हराया। गायत्री चौधरी के पति मनोज चौधरी देवबंद से बसपा विधायक रह चुके हैं। बसपा एमएलसी मोहम्मद इकबाल के भाई महमूद अली की पत्नी शमीम बेगम भी अध्यक्ष पद की दावेदार हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को पांच हजार वोटो से हराया। वार्ड 14 में सपा उम्मीदवार और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा के इरफान चौधरी से पराजित हो गए।
वहीं गाजियाबाद के मोदीनगर के ब्लॉक भोजपुर के चार वार्डों के जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की मतगणना शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। इसमें जिला पंचायत के चार और 102 बीडीसी सदस्यों के चुनाव परिणाम घोषित किए गए।

रविवार को शुरू हुई मतगणना सोमवार सुबह तक हुई। मतगणना के बाद जिला पंचायत वार्ड एक से अमरपाल, वार्ड दो से रणजीत उर्फ पप्पन तेवतिया, वार्ड तीन से वीरमति व वार्ड चार से उदित नेहरा ने जीत दर्ज की। मतगणना की वजह से मतगणना स्थल के बाहर समर्थकों का तांता देर रात लगा रहा। इस दौरान पुलिस को कईं बार लाठियां भांजनी पड़ीं। वहीं मीडियाकर्मियों को परिणाम की जानकारी न देने पर उनकी अधिकारियों से नोंक झोंक भी हुई। इसके बाद जिलाधिकारी विमल कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह मतगणना स्थल का दौरा कर मीडियाकर्मियों को मतगणना की पूरी जानकारी देने का निर्देश मतगणना अधिकारियों को दिए।

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