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Panama Papers: PM मोदी ने जांच के लिए कहा, जेटली बोले- कालाधन छिपाना महंगा पड़ेगा

द इंडियन एक्‍सप्रेस ने पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के लीक दस्‍तावेजों के हवाले से खबर दी कि कुछ प्रभावशाली चेहरों समेत 500 भारतीयों के टैक्‍स हेवन समझे वाले देशों में कंपनियां हैं।

Author नई दिल्‍ली | May 8, 2017 15:16 pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली।

टैक्‍स हैवेन समझे जाने वाले देशों में कुछ भारतीयों द्वारा बेहिसाबी दौलत रखने से जुड़ी द इंडियन एक्‍सप्रेस के खुलासे पर वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने प्रतिक्रिया दी है। जेटली ने सोमवार को कहा कि जिन लोगों ने विदेशों में गैरकानूनी संपत्‍त‍ि घोषित करने के लिए पिछले साल दी गई कम्‍प्‍लायंस विंडो का फायदा नहीं उठाया, उन्‍हें इस तरह का जोखिम उठाना बहुत महंगा पड़ने वाला है। जेटली का यह बयान ऐसे वक्‍त में आया है, जब द इंडियन एक्‍सप्रेस ने पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के लीक दस्‍तावेजों के हवाले से खबर दी कि कुछ प्रभावशाली चेहरों समेत 500 भारतीयों के टैक्‍स हेवन समझे वाले देशों में कंपनियां हैं।

उन्‍होंने कहा कि विदेश में गैरकानूनी निवेश की जांच होगी। पीएम खुद चाहते हैं कि मामले की जांच की जाए। सरकार इस रिपोर्ट का स्‍वागत करते हैं। अच्‍छी बात है कि इस तरह का खुलासा हुआ है।  वहीं काले धन मामले की जांच कर रही एसआईटी ने भी यह रिपोर्ट मांगी है।

मंत्री ने कहा कि विदेशों में बेहिसाबी दौलत रखने के मामलों से निपटने की दिशा में 2017 से कदम उठाए जाने वाले हैं। इसके बाद से लोगों का संपत्‍त‍ि छिपाना बेहद मुश्‍किल हो जाएगा। सीआईआई की सालाना बैठक में संबोधित करते हुए जेटली ने कहा, ”जी20 की पहल की वजह से FATCA (Foreign Account Tax Compliance Act) और द्विपक्षीय वित्‍तीय लेनदेन 2017 से प्रभावी होगा। दुनिया में और ज्‍यादा पारदर्शिता आने वाली है। इस वजह से इस तरह का रोमांचकारी जोखिम इसमें शामिल लोगों के लिए बहुत महंगा साबित होने वाला है।” जेटली ने कहा कि जिन लोगों ने ब्‍लैकमनी घोषित करने के लिए पिछले साल सरकार की ओर से दी गई कम्‍प्‍लायंस विंडो का फायदा नहीं उठाया, उन्‍हें अपनी गलती का एहसास होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले साल के बजट में उन्होंने विदेशों में कालाधन व संपत्ति जमा कराने के खिलाफ जब नये सख्त सजा वाले कानून का प्रस्ताव किया था तो उनकी आलोचना हुई थी और आलोचना करने वालों में कई लोग यहां भी बैठे हैं। उस समय मैंने कहा था, ‘विगत में गलतियां करने वालों के लिए गलती सुधारने का यह अंतिम मौका है।’ जेटली ने कहा कि अनुपालन का अवसर दिया गया, कुछ ने उसका फायदा उठाया और संभवत: कुछ लोगों ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा,‘ मैं आज जब कुछ विपरीत पटें देखता हूं जो केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित करने वाली हैं.. मुझे लगता है कि यह हम सब के लिए कड़ी चेतावनी है।’

गौरतलब है कि सरकार ने भारतीयों को विदेशों में रखी किसी अघोषित संपत्ति का खुलासा करने के लिए अपना नाम गुप्त रखने की सुविधा के साथ 90 दिन का अवसर दिया था। मात्र एक बार के लिए इस अवसर की अवधि गत 30 सितंबर को समाप्त हो गई। इसके तहत घोषणा करने वाले को घोषित संपत्ति के लिए 30 प्रतिशत कर तथा 30 प्रतिशत जुर्माना देना था। इसके तहत सरकार के समक्ष 4,147 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति का खुलासा किया गया। सरकार ने इस बार के बजट में देश में बेहिसाब धन संपत्ति रखने वालों के लिए कानून के अनुपालन का एक मौका देने की घोषणा की है। चार महीने के लिए यह मौका जून से दिया जाएगा। इसके तहत व्यक्ति अपनी अघोषित संपत्ति को कर व जुर्माने सहित कुल 45 प्रतिशत राशि का भुगतान कर, अनुपालन कर सकेंगे।

 

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