ताज़ा खबर
 

मुंबई अटैक पर फिर बोले पाकिस्तानी पूर्व पीएम- PAK ने कराया आतंकी हमला, यही सच है

26 नवंबर 2008 को पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी समुद्र के रास्ते मुंबई में घुस आए थे। वे चार दिनों तक ताज होटल में छिपे रहे थे। शहर में इस दौरान उन्होंने फायरिंग की थी, जिसमें तकरीबन 166 लोगों की जान गई थी। वहीं, उस हमले में लगभग 300 लोग जख्मी हुए थे।

शरीफ के बयान के रूप में भारत के लिए एक मजबूत प्रमाण जरूर मिला है

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मुंबई अटैक पर दिए अपने बयान पर अडिग हैं। सोमवार (14 मई) को उन्होंने इस संबंध में नया बयान दिया और उपज रहे भ्रमों को खत्म किया है। उन्होंने कहा है, “चाहे कुछ भी हो जाए, मैं सच ही बोलूंगा। पाकिस्तान ने ही मुंबई में आतंकी कराया था। यही सत्य है।” शरीफ की ओर यह टिप्पणी उनके छोटे भाई शाहबाज शरीफ ने की है।

नवाज की ओर से मुंबई अटैक मसले पर ताजा बयान पाकिस्तान में फैली उन गलतफहमियों पर आया है, जिसमें पूर्व पाकिस्तानी पीएम के बयान को गुमराह करने वाला करार दिया गया था। पाकिस्तानी सिविल मिलिट्री बॉडी ने इस बाबत एक बैठक का आयोजन किया था, जिसमें शरीफ के बयान को गलत बताया गया। पाकिस्तान के मौजूदा पीएम शाहिद खाकन अब्बासी व विदेश मंत्री खुर्रम दस्तगीर समेत कई अहम लोग इस दौरान मौजूद थे।

‘PAK आतंकियों ने किया था मुंबई हमला’ नवाज शरीफ का कबूलनामा

HOT DEALS
  • Apple iPhone 6 32 GB Gold
    ₹ 25900 MRP ₹ 29500 -12%
    ₹3750 Cashback
  • Panasonic Eluga A3 Pro 32 GB (Grey)
    ₹ 9799 MRP ₹ 12990 -25%
    ₹490 Cashback

पाकिस्तानी पूर्व पीएम ने इससे पहले 12 मई को ‘द डॉन’ से खास बातचीत की थी। उन्होंने तब कबूला था कि उन्हीं के मुल्क के आतंकियों ने भारत के मुंबई में आतंकी हमला किया था। बकौल शरीफ, “क्या हमें आतंकियों को सीमा पार जाने देना चाहिए? मुंबई में उन्हें 150 लोगों को क्या मारने देना चाहिए?”

याद दिला दें कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी समुद्र के रास्ते मुंबई में घुस आए थे। वे चार दिनों तक ताज होटल में छिपे रहे थे। शहर में इस दौरान उन्होंने फायरिंग की थी, जिसमें तकरीबन 166 लोगों की जान गई थी। वहीं, उस हमले में लगभग 300 लोग जख्मी हुए थे।

पनामा पेपर्स केस में पिछले साल शरीफ दोषी करार दिए गए थे, जिसके बाद उन्हें पीएम की गद्दी से हाथ धोना पड़ा था। यहां के सर्वोच्च न्यायालय ने इसके बाद शरीफ के आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App