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स्‍नाइपर ऑपरेशंस को तरजीह दे रही सेना, दो जेसीओ की हत्‍या का बदला लेने की तैयारी

भारतीय सेना अभी भी रशियन 7.62mm Dragunov सेमी-ऑटोमैटिक स्नाइपर राइफल से काम चला रही है। इस राइफल की रेंज आधुनिक स्नाइपर राइफलों की तुलना में कम है।

indian armyभारतीय सेना कर रही जवाबी हमले की तैयारी। (file pic)

एलओसी पर सीजफायर के बार-बार उल्लंघन के बाद अब पाकिस्तान स्नाइपर हमलों पर उतर आया है। बता दें कि पाकिस्तानी सेना के स्नाइपर हमलों में अब तक कई भारतीय सैनिकों को अपना निशाना बना चुके हैं। पाकिस्तानी स्नाइपर सीमा पर स्थित ऊंचे स्थानों से भारत की अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों को अपना निशाना बना रहे हैं। लेकिन अब भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने की तैयारी कर ली है। भारतीय सेना के एक अफसर ने बताया कि जवाबी हमले के लिए समय और जगह सेना ही चुनेगी। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हम पहले भी इस तरह के स्नाइपर हमलों को अंजाम दे चुके हैं। बता दें कि पाकिस्तान ने बीते शुक्रवार को भी उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में जुमगुंड इलाके में स्नाइपर हमला कर भारतीय सेना के दो जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) को शहीद कर दिया था।

हालांकि भारतीय सेना के जवाबी हमले में एक पेंच है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, भारतीय सेना अभी भी रशियन 7.62mm Dragunov सेमी-ऑटोमैटिक स्नाइपर राइफल से काम चला रही है। इस राइफल की रेंज आधुनिक स्नाइपर राइफलों की तुलना में कम है। भारतीय सेना के पास जो रशियन स्नाइपर राइफल है, वो 1960 के दशक में डिजाइन की गई थी, जिसकी मारक क्षमता 800 मीटर है। वहीं पाकिस्तानी सेना के पास आधुनिक अमेरिकी स्नाइपर राइफल्स हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना द्वारा लंबे समय से 8.6mm की 5,719 राइफल्स खरीदने की मांग कर रही है। सेना द्वारा मांगी गई इन राइफल्स की मारक क्षमता 1200 मीटर होगी, और इनमें .338 लापुआ मैग्नम एम्यूनिशन का इस्तेमाल होता है।

अच्छी बात ये है कि इस साल फरवरी में डिफेंस एक्वीजिशन काउंसिल ने आखिरकार स्नाइपर राइफल्स के सौदों को मंजूरी दे दी है। यह सौदा करीब 982 करोड़ रुपए में किया गया है। हालांकि अभी भी यह सौदा शुरुआती दौर में है और इस सौदे को फाइनल होने में अभी भी 3-4 साल का वक्त और लगेगा। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि “हमारे स्नाइपर कोर्स को भी बड़े बदलावों की जरुरत है, ताकि अपनी स्नाइपर क्षमताओं में इजाफा किया जा सके।” एक सैन्य अधिकारी ने स्वीकार किया कि “पाकिस्तानी सेना इस मामले में हमसे थोड़ा आगे है, क्योंकि उनके पास प्रशिक्षित और आधुनिक हथियारों से सुसज्जित स्नाइपर हैं। पाकिस्तानी सेना के पास काफी अच्छी आधुनिक स्नाइपर राइफल्स हैं, जिनमें अमेरिका की रेमिंटन मॉड्यूलर राइफल्स भी शामिल हैं।”

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