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भारत से घबराया पाकिस्तान, आर्मी और ISI की मदद से शिफ्ट किए 17 आतंकी कैंप

ट्रेनिंग कैंप आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के बताए जा रहे हैं। इन्हें एलओसी (LoC) के पास से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के अंदरुनी इलाकों में ले जाया गया है।
Author नई दिल्ली | September 26, 2016 14:01 pm
जम्मू-कश्मीर के उरी स्थित आर्मी बेस पर आतंकी हमले में 19 भारतीय सैनिक शहीद। (PTI Photo)

जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए हमले के बाद 16-17 आतंकी कैंपों को शिफ्ट कर दिया गया है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी कैंपों को उनकी वर्तमान लोकेशन से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है। उच्च सूत्रों के मुताबिक ये ट्रेनिंग कैंप आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के बताए जा रहे हैं। इन्हें एलओसी (LoC) के पास से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के अंदरुनी इलाकों में ले जाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स (इंडिया टुडे और इंडिया टीवी) के मुताबिक आतंकी कैंपों को पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई की मदद से शिफ्ट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक मनसेहरा और मुजफ्फराबाद के चार आतंकी कैंपों को पाकिस्तानी आर्मी द्वारा शिफ्ट किया गया है। नए ट्रेनिंग कैंपों को पीओके के घनी आबादी वाले गांवों में स्थानांतरित किया गया है, जिसके आतंकी स्थानीय आबादी के बीच घुल-मिल जाएं और उनकी पहचान न की जा सके। कुछ मामलों में आतंकी कैंपों को पाकिस्तानी आर्मी बेस में भी शिफ्ट किया गया है। इस कदम के पीछे की वजह आतंकियों को भारतीय खुफिया एजेंसियों की नजर से बचाना और आसानी से चकमा देना है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक उरी हमले के बाद भारत की कूटनीतिक और सामरिक आक्रामकता से पाकिस्तान घबरा गया है और वह खुद को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। ट्रेनिंग कैंपों की लोकेशन शिफ्ट करना उसी प्रयास का एक हिस्सा है। भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक की संभावनाओं के बीच पाकिस्तान स्थिति से समझौता करने की तैयारी में जुटा है। उरी हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हाई लेवल मीटिंग करके आंतरिक सुरक्षा और कश्मीर की स्थिति पर चर्चा की थी। मीटिंग में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोवाल, खुफिया ब्यूरो (IB) के चीफ, रॉ चीफ और गृह मंत्रालाय और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे थे। कश्मी घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक संघर्ष जारी है। संघर्ष में अब तक 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है जबकि हजारों की संख्या में लोग घायल हैं।

गौरतलब है कि उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर दोनों देशों की ओर से गतिविधियां तेज हो गई है। दोनों देशों ने सेना की मौजूदगी को बढ़ा दिया है। जम्मू-कश्मीर के उरी स्थिति सेना मुख्यालय पर हुए हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे, जबकि सेना ने 4 आतंकियों को मौके पर मार गिराया था।

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