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भारत-पाकिस्तान की बैठक आजः खालिस्तान समर्थक वार्ताकारों को हटाया

भारत और पाकिस्तान के बीच वाघा सीमा पर पाकिस्तान की तरफ रविवार सुबह नौ बजे बैठक शुरू होगी, जो दोपहर को एक बजे खत्म होगी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास और विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान) दीपक मित्तल करेंगे। वहीं पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व दक्षिण एशिया और सार्क महानिदेशक डॉ. मोहम्मद फैसल करेंगे।

खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला

करतारपुर गलियारे पर रविवार को भारत-पाक के बीच होने वाली अहम वार्ता से पहले भारत के दबाव में झुकते हुए पाकिस्तान सरकार ने खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला और अमीर सिंह को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पाकिस्तान की करतारपुर कॉरिडोर कमेटी से हटा दिया है। इस कमेटी में गोपाल सिंह चावला को शामिल करने पर भारत ने सख्त नाराजगी जताई थी। इसी मुद्दे पर भारत ने पिछली बार इस बैठक को रद्द कर दिया था। विदेश मंत्रालय को पाकिस्तान ने जानकारी भेजी है कि अब रविवार को अटारी-वाघा सीमा पर बैठक के दूसरे दौर से पहले पाकिस्तान सरकार ने गोपाल सिंह चावला और अमीर सिंह को इस कमेटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के 10 सदस्यों के नामों की घोषणा की। पीएसजीपीसी के सदस्य करतारपुर गलियारे को लेकर बातचीत करने वाली टीम का हिस्सा होंगे।

खालिस्तान समर्थक अमीर सिंह को पीएसजीपीसी में रखा गया है, लेकिन वह गलियारा कमेटी का हिस्सा नहीं होगा। उसकी जगह उसके भाई बिशन सिंह को पीएसजीपीसी के सदस्य के तौर पर पाकिस्तान की गलियारा कमेटी में शामिल किया गया है। पीएसजीपीसी सदस्यों से संबंधित नई अधिसूचना में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चार सदस्य, खैबर पख्तूख्वा के तीन, सिंध के दो और बलूचिस्तान के एक सदस्य का नाम शामिल है। गोपाल सिंह चावला अब तक पीएसजीपीसी का महासचिव हुआ करता था। भारत ने पीएसजीपीसी के प्रतिनिधि के तौर पर उसे करतारपुर गलियारा कमेटी में शामिल किए जाने को लेकर आपत्ति उठाई थी। दरअसल, करतारपुर गलियारे को लेकर दो अप्रैल को दूसरे दौर की बैठक होनी थी, लेकिन भारत ने चावला की मौजूदगी पर आपत्ति उठाई और बैठक में शामिल होने से मना कर दिया था।

खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला के ताल्लुकात आतंकी हाफिज सईद और जैश सरगना मसूद अजहर से हैं। पाकिस्तानी फौज और आइएसआइ के अफसरों का वह खास कारिंदा माना जाता है। कुछ महीने पहले गोपाल सिंह चावला की तस्वीरें पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा और प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ सामने आई थीं। दो अप्रैल की वार्ता से पहले जब पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारा कमेटी के 10 सदस्यों के नामों का एलान किया तो भारत नाराज हुआ था। क्योंकि इस कमेटी में खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला, मनिंदर सिंह, तारा सिंह, बिशन सिंह और कुलजीत सिंह जैसे नाम थे। तब भारत ने इस मसले पर पाकिस्तान के डिप्टी हाई कमिश्नर को बुलाकर सफाई भी मांगी थी। दरअसल भारत को शक है कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर के बहाने पंजाब में ऐसे तत्त्वों की घुसपैठ करा सकता है जो वहां पर अलगाववादी आंदोलन को हवा दे सकते हैं। इस कारण भारत ने इन नामों पर सख्त विरोध जताते हुए करतारपुर कॉरिडोर पर बात करने से ही इनकार कर दिया था।

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