अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व समुदाय को बड़ा संदेश दिया। यह हमला रमजान के पवित्र महीने में हुआ, जब पूरी दुनिया में शांति और सहिष्णुता की बात की जाती है। भारत ने पाकिस्तान द्वारा अपने देश पर लगाए गए झूठे और बेबुनियाद आरोपों का भी स्पष्ट और कड़ा जवाब दिया।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने यूएन में कहा कि आज धर्म को राजनीतिक फायदे के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक हो गया है। यह प्रवृत्ति सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि नॉन-स्टेट एक्टर भी इसका इस्तेमाल अपने राजनीतिक और निजी लाभ के लिए कर रहे हैं।

हरीश ने पश्चिमी पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले अत्याचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह इलाके में इस्लामोफोबिया की झूठी कहानियां बनाने का एक तरीका बन गया है। उन्होंने पूछा कि अहमदिया समुदाय पर अत्याचार, अफगानों का बड़े पैमाने पर मजबूर पलायन और रमजान के महीने में हवाई हमले क्या नजरअंदाज किए जा सकते हैं?

उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी देश ने इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) का गलत इस्तेमाल करके बार-बार भारत पर झूठे आरोप लगाए हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि देश में मुसलमान, चाहे वे जम्मू-कश्मीर में हों या कहीं और, अपने प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और उनके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। हरीश ने कहा कि भारत में सभी समुदाय शांति और आपसी सम्मान के साथ रहते हैं, और यहां कोई भी समुदाय खतरे में नहीं है।

इस बीच, सोमवार और मंगलवार की रात पाकिस्तान ने फिर से तालिबान-शासित अफगानिस्तान में हवाई हमले किए। इन हमलों में काबुल के एक अस्पताल को निशाना बनाया गया और लगभग 400 लोगों की मौत होने का दावा किया गया। पाकिस्तान का यह अभियान ‘ऑपरेशन गजब लिहक (Operation Ghazab Lilhaq)’ के नाम से चल रहा है।

हरीश ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वह अपने समय और सीमित संसाधनों का इस्तेमाल ऐसे समाज बनाने में करें, जो हर धर्म और समुदाय के लिए बराबरी, सम्मान और कानून के नियमों पर आधारित हो। हर व्यक्ति, चाहे किसी भी धर्म का हो, सुरक्षित और समान महसूस करे।

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पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान को निशाना बना रहा है। सोमवार रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में विभिन्न स्थानों पर एयर स्ट्राइक की। पाकिस्तान का कहना है कि उसने काबुल में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जबकि तालिबान ने उसपर एक अस्पताल को निशाना बनाने का आरोप लगाया। पूरी खबर को पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक