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लश्कर आतंकी लखवी को हर महीने 1.5 लाख रुपए देगी पाकिस्तान की इमरान सरकार, UN से भी ले ली मंज़ूरी; बताया खाने पर 50 और दवा पर है 45 हज़ार का खर्च

बता दें कि जकी-उर रहमान लखवी को सुरक्षा परिषद की 1267 कमेटी ने मुंबई आतंकी हमलों के बाद आतंकी करार दे दिया था। वह 2015 के बाद से ही जमानत पर है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र इस्लामाबाद | Updated: January 9, 2021 6:25 AM
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा का ऑपरेशन कमांडर जकी-उर रहमान लखवी। (फोटो- AP)

भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए अलग-अलग आतंकी संगठनों का इस्तेमाल करने वाले पाकिस्तान ने अब खुले तौर पर उनके सरगनाओं का समर्थन शुरू कर दिया है। ताजा मामला 26/11 हमलों के साजिशकर्ता और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा के कमांडर जकी-उर रहमान लखवी से जुड़ा है। पाकिस्तान अब लखवी को खाने, दवाओं और यहां तक कि वकील की सेवाएं लेने के लिए वित्तीय मदद मुहैया कराएगा। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके लिए उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध कमेटी से इजाजत भी ले ली है।

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की इमरान खान सरकार लखवी को हर महीने 1.5 लाख रुपए मुहैया कराएगी। इसमें उसके खाने के लिए 50 हजार रुपए, दवाओं के लिए 45 हजार रुपए, सार्वजनिक खर्चों के लिए 20 हजार रुपए, वकील की फीस- 20 हजार रुपए और आवाजाही के लिए 15 हजार रुपए का खर्च शामिल है। सूत्रों का कहना है कि इमरान सरकार ने खुद लखवी को यह मदद पहुंचाने के लिए UNSC से अपील की थी।

बता दें कि जकी-उर रहमान लखवी को सुरक्षा परिषद की 1267 कमेटी ने मुंबई आतंकी हमलों के बाद आतंकी करार दे दिया था। वह 2015 के बाद से ही जमानत पर है। यहां तक कि पाकिस्तान की जेल में उसे रखे जाने की खबर भी महज तमाशा थी। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में रहते हुए भी वह एक बच्चे का पिता भी बना था।

लखवी के अलावा पाकिस्तान सरकार ने दो और लोगों के मासिक खर्चों के लिए UNSC की कमेटी से मंजूरी ले ली। इनमें न्यूक्लियर साइंटिस्ट महमूद सुल्तान बशीरुद्दीन शामिल है। बशीरुद्दीन एक समय पाकिस्तान के परमाणु ऊर्जा आयोग में काम करता था। उसकी अफगानिस्तान में ओसामा बिन लादेन से मुलाकात हुई थी। उसने यूएन द्वारा आतंकी संगठन घोषित उम्माह तामीर-ए-नाउ संगठन की स्थापना की थी।

बशीरुद्दीन को नवाज शरीफ सरकार ने पाकिस्तान के तीसरे सबसे बड़े सम्मान सितारा-ए-इम्तियाज से नवाजा था। हालांकि, 2001 में 9/11 हमलों के बाद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने उस पर और कट्टरपंथी संगठन उम्माह तामीर-ए-नाउ दोनों पर प्रतिबंध लगा दिए। फिलहाल बशीरुद्दीन पाकिस्तान में आजाद है। उसे भी लखवी की तरह ही 1.5 लाख रुपए की मदद पहुंचाने की मंजूरी ली गई है। इससे पहले अगस्त 2019 में भी UNSC की 1267 कमेटी ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तयैबा के प्रमुख हाफिज सईद को आधारभूत खर्च चलाने के लिए बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी थी।

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