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भारत के दुश्मन से PAK की ‘दोस्ती’, अब्दुल बासित बोले- सलाहुद्दीन को आतंकी की तरह नहीं देखता पाकिस्तान

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के बारे में पूछे जाने पर बासित ने कहा कि सईद को नजरबंद किया गया है हम हाफिज के खिलाफ और अधिक सबूत जमा करने की कोशिश कर रहे हैं और अगर हम उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाने में कामयाब हुए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Author नई दिल्ली। | August 1, 2017 21:54 pm
हिजबुल मुजाहिदीन चीफ सैयद सलाउद्दीन ने कश्मीर मुद्दे के किसी भी शांतिपूर्ण राजनीतिक समाधान निकालने की कोशिश में बांधा पहुंचाने की शपथ ली है।

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ग्लोबल आतंकी घोषित किए गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख सैयद सलाउद्दीन का बचाव किया है। बासित ने कहा कि पाकिस्तान सलाहुद्दीन को आतंकी के रूप में नहीं देखता है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में पाकिस्तान हाई कमिश्नर बासित ने कहा कि सलाहुद्दीन कश्मीरियों के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। बासित ने आगे कहा, “जहां तक पाकिस्तान की बात है तो वह सलाहुद्दीन को आतंकी की तरह नहीं देखता है। जो भी वो करता है, उसे पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में आत्म निर्णय के अधिकार के लड़ाई के रूप में देख जाता है।” हम सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने से सहमत नहीं और हमने संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले पर आपत्ति भी जताई थी। सलाहुद्दीन एनआईए की लिस्ट में मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में शामिल है।

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के बारे में पूछे जाने पर बासित ने कहा कि सईद को नजरबंद किया गया है हम हाफिज के खिलाफ और अधिक सबूत जमा करने की कोशिश कर रहे हैं और अगर हम उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाने में कामयाब हुए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करके हाफिज सईद की नजरबंदी को दो महीने और बढ़ाया था। जमात-उद-दावा प्रमुख सईद 31 जनवरी से नजरबंद है। पंजाब सरकार ने 31 जनवरी को सईद और उसके चार करीबी सहयोगियों अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी आसिफ हुसैन को आतंकवाद रोधी कानून 1997 के तहत हिरासत में लिया था। सईद की हिरासत अवधि को पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर के तहत बढ़ाया गया है।

बता दें कि आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दी का नेता सैयद सलाहुद्दीन पाकिस्तान में रहकर कश्मीर में अभियान चला रहा हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सैयद सलाहुद्दीन को अमरीकी सुरक्षा और विदेश नीति के लिए ख़तरा माना गया है। इसके साथ ही अब सैयद सलाहुद्दीन के साथ कोई अमरीकी नागरिक किसी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं कर पाएगा और अमेरिका में सलाहुद्दीन की संपत्ति और हित भी बाधित होंगे। अमेरिका के इस फैसले का पाकिस्तान ने विरोध भी किया था। अमेरिका द्वारा यह फैसला पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले लिया गया था।

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