West Bengal News: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इसके चलते, हजारों बांग्लादेशी नागरिक अब सीमावर्ती इलाकों में जमा होने लगे हैं।
डिटेंशन सेंटरों में बंद किए जाने के डर से अवैध बांग्लादेशी प्रवासी इस समय पूरे पश्चिम बंगाल में सीमावर्ती क्षेत्रों और ट्रांजिट टर्मिनलों पर इकट्ठा हो रहे हैं। जैसे-जैसे बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक सीमा पर जमा हो रहे हैं, ये प्रवासी अब इस बारे में खुलकर बात करने लगे हैं कि वे अवैध रूप से भारत में कैसे घुसे और उन्होंने पहचान पत्र कैसे हासिल किए।
सीमा पर पहुंचने वाले बांग्लादेशी नागरिकों ने बताया कि वे नदी पार करके भारत में घुसे, जबकि दूसरों ने बताया कि कैसे दलालों या बिचौलियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर उन्हें सीमा पार कराने में मदद की।
टीएमसी कार्यकर्ताओं के एक नेटवर्क ने वोटर आईडी कार्ड बनवाने में मदद की
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति ने खुलासा किया कि जब सुरक्षा बल इलाके में गश्त नहीं कर रहे होते हैं, तो सिर्फ दस मिनट में भारत में घुसना संभव है। इसके अलावा, कुछ लोगों ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के एक नेटवर्क ने उन्हें पहचान पत्र बनवाने में मदद की।
उन्होंने बताया कि वे भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा पाए और यहां तक कि वोट भी डाल पाए। जैसे-जैसे सरकार इन प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आते जा रहे हैं। इस बीच, रिपोर्टों से पता चलता है कि कई लोग डिटेंशन सेंटरों या देश से निकाले जाने की कार्रवाई से बचने के लिए स्वेच्छा से बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहे हैं। चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।
अब किराये पर कमरा देने के लिए भी आधार कार्ड मांग रहे
एक अवैध बांग्लादेशी प्रवासी ने स्थानीय यूट्यूब चैनल हल्दिया लाइव को बताया कि वह अपने भाइयों के साथ बिचौलियों के नेटवर्क के माध्यम से कुश्तिया से भारत में दाखिल हुआ था। उन्होंने कहा, “मैंने केरल में काम किया है। अब तो वे किराये पर कमरा देने के लिए भी वोटर कार्ड और आधार कार्ड मांग रहे हैं और मेरे पास वो दस्तावेज नहीं हैं।” इसके बाद उन्होंने सीमा पार करने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
उन्होंने कहा, “उनके पास पांच से छह लोगों की टीमें होती हैं। रात में, वे जांच करते हैं कि किन इलाकों में बीएसएफ की मौजूदगी है और किनमें नहीं। जैसे ही उन्हें कोई खाली जगह मिलती है, वे लोगों को उस पार भेज देते हैं। यही उनकी व्यवस्था है।” उसने बताया, “कभी-कभी आपको सीमा पार करने का मौका पाने के लिए पूरी रात इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी यह 10 मिनट के भीतर ही हो जाता है।”
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पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार की ‘पहचानो, हटाओ और वापस भेजो’ की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसका असर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों में साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर 24 परगना और मालदा से जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उसमें साफ दिख रहा है कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों में डर है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
