Padmavat Release: BJP surrendered before Kanri Sena and PM Narendra Modi has 56 inch chest only for Muslims says AIMIM Asaduddin Owaisi - पद्मावत: ओवैसी बोले- सरेंडर कर चुकी सरकार, पीएम नरेंद्र मोदी सिर्फ मुस्लिमों को दिखाते हैं 56 इंची सीना - Jansatta
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पद्मावत: ओवैसी बोले- सरेंडर कर चुकी सरकार, पीएम नरेंद्र मोदी सिर्फ मुस्लिमों को दिखाते हैं 56 इंची सीना

आज यानी 25 जनवरी को पद्मावत चार राज्यों को छोड़कर पूरे देश में हो गई है। फिर भी फिल्म के विरोध में सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा कटा। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए। सड़कें जाम की गईं। उत्पात मचाया गया। तलवार लहराकर बवाल मचाया गया। बच्चों-शिक्षिकाओं से भरी बस पर पत्थरबाजी की गई। ये सब करणी सेना ने किया।

हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को पीएम पर बड़ा हमला बोला है। (एक्सप्रेस फोटोः ताशी तोबग्याल/एएनआई)

फिल्म पद्मावत को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बुधवार (24 जनवरी) को कहा है कि इस मसले पर केंद्र सरकार करणी सेना के आगे सरेंडर कर चुकी है। पीएम का 56 इंच का सीना सिर्फ मुस्लिमों के लिए ही है। आपको बता दें कि आज यानी 25 जनवरी को पद्मावत चार राज्यों को छोड़कर पूरे देश में हो गई है। फिर भी फिल्म के विरोध में सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा कटा। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए। सड़कें जाम की गईं। उत्पात मचाया गया। तलवार लहराकर बवाल मचाया गया। बच्चों-शिक्षिकाओं से भरी बस पर पत्थरबाजी की गई। ये सब करणी सेना ने किया।

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ओवैसी ने इसी मसले पर पत्रकारों से बात की। कहा, “यह कुछ नहीं है, बल्कि भाजपा की ओर से की गई सिर्फ ‘पकौड़ा’ पॉलिटिक्स है। प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी इस मसले पर प्रदर्शनकारियों के आगे घुटने टेक चुके हैं। मुस्लिमों के लिए ही उनके पास 56 इंच का सीना है।” सांसद इससे पहले भी पीएम पर इस मुद्दे को लेकर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कहा था, “पीएम ने 12 सदस्यीय पैनल गठित कर फिल्म के रिव्यू कराया और कुछ सीन हटवाए। यह कहानी मलिक मो. जायसी ने 1540 में लिखी थी, मगर इसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। फिर भी उपन्यास पर आधारित फिल्म दिखाने के लिए सरकार दिलचस्पी दिखा रही है। जब बात मुस्लिम कानून की आती है, तब मोदी नेताओं से सुझाव लेने जरूरी नहीं समझते।”

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हालांकि, ओवैसी पद्मावत को पहले ही बकवास और मनहूस बता चुके हैं। उन्होंने इसके साथ ही मुस्लिमों से इसे न देखने की अपील की थी। वारंगल में उन्होंने एक जनसभा के दौरान कहा था, “फिल्म बकवास है। यह महज वक्त और पैसों की बर्बादी है। संयोग से इसकी कहानी एक मुस्लिम लेखक ने लिखी है।” बकौल एआईएमआईएम नेता, “पद्मावत एक मनहूस और गलीज फिल्म है। ये मत देखें। भगवान ने आपको यह दो घंटे की फिल्म देखने के लिए नहीं बनाया है। आपको एक अच्छी जिंदगी के लिए और उसमें अच्छे काम करने के लिए बनाया है, जिससे आप सदियों तक याद रखे जाएं।”

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