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पद्मावत: चित्‍तौड़गढ़ की महिलाओं ने दी धमकी- दीपिका की फिल्‍म नहीं रुकी तो किले में करेंगे जौहर

पहले इस फिल्म का नाम पद्मावती था, लेकिन बाद में सेंसर बोर्ड के कहने पर फिल्म का नाम पद्मावत कर लिया गया।
फिल्म पद्मावत का एक दृश्य।

निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। पहले इस फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ था, लेकिन बाद में सेंसर बोर्ड के कहने पर फिल्म का नाम ‘पद्मावत’ कर लिया गया। फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होनी है। राजस्थान के राजपूत समाज के भारी विरोध को देखते हुए सेंसर बोर्ड ने फिल्म के रिलीज की तारीख खारिज कर दी थी और कुछ सुधारों के साथ फिल्म को लाने के लिए कहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार (13 जनवरी) को चित्तौड़गढ़ की क्षत्रिय समाज की महिलाओं ने धमकी दी है कि अगर सरकार ने फिल्म को रिलीज होने से नहीं रोका तो वे जौहर (आग में कूदकर जान देना) कर लेंगी। चित्तौड़गढ़ में हुई सर्वसमाज की बैठक में इसके सदस्यों ने फिल्म रिलीज को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई। इस बैठक में करीब 500 लोग शामिल हुए। इनमें हाई-प्रोफाइल परिवारों की 100 महिलाएं भी मौजूद थीं।

राजपूत करणी सेना के प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि 17 जनवरी को इस सिलसिले में चित्तौड़गढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइन को जाम कर दिया जाएगा। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म की रिलीज को कुछ सुधारों और नाम बदलने की शर्त पर हरी झंडी दी थी, लेकिन राजस्थान सरकार राज्य में इसे रिलीज करने के पक्ष में नहीं दिखाई दे रही है। रविवार को राजपूत सेना का एक शिष्ठ मंडल इस सिलसिले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेगा। राजनाथ इस दिन उदयपुर में होंगे।

वीरेंद्र सिंह के मुताबिक 16 जनवरी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाड़मेर जिले के एक गांव में एक रिफाइनरी प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे, उस दौरान सेना के कुछ लोग उनसे भी फिल्म को रोकने के लिए निवेदन करेंगे। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर ये सभी उपाय काम नहीं आते हैं तो क्षत्रिय समाज की महिलाएं 24 जनवरी को जौहर करेंगी, इसी दिन रानी पद्मावती ने जौहर किया था।

चित्तौड़गढ़ के जौहर स्मृति संस्थान के मुख्य सचिव भंवर सिंह ने कहा कि एकबार फिर ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ किले के दरवाजे बंद करने के भी इंतजाम कर लिए गए हैं। वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले पदर्शन की तारीख 25-26 जनवरी तय की गई थी, लेकिन गणतंत्र दिवस की वजह से इसे 17 जनवरी कर दिया गया।

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