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पदमावत विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिर फूटा राजपूतों का गुस्सा, वसुंधरा सरकार लेगी कानूनी राय

संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पदमावत के प्रदर्शन पर चार राज्यों में रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे कर दिया है।

Author नई दिल्ली | January 18, 2018 11:46 PM

संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पदमावत के प्रदर्शन पर चार राज्यों में रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे कर दिया है। इससे राजस्थान समेत चारों राज्य सरकारों को करारा झटका लगा है। इस नये घटनाक्रम के बाद पदमावत पर एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है। फिल्म को लेकर राजपूत समाज का गुस्सा अब चरम पर है उसका कहना है कि फिल्म प्रदर्शित हुइ तो बहुत बडा नुकसान होगा। दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अध्ययन के बाद कानूनी राय लेकर आगे का रास्ता अपनाया जाएगा। फिल्म पदमावत को लेकर अब राजपूत समाज उग्र तेवरों के साथ सामने आने की तैयारी में लग गया। सुप्रीम कोर्ट के गुरूवार के आदेश के बाद तो इसके विरोधियों के साथ ही सरकार की गतिविधियों में तेजी आ गई।

प्रदेश में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट के उपचुनाव में राजपूतों की नाराजगी से घबराई भाजपा सरकार अब सतर्क होकर फैसला लेने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरूवार को यहां उच्च स्तरीय बैठक में इस मसले पर विचार किया। बैठक के बाद गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते है। सरकार पहले फैसले को देखेगी और उसके बाद विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई करेगी। कटारिया ने कहा कि इस संवेदनशील मसले पर सरकार पूरी तरह से गृह और विधि विभाग की राय के अनुसार ही कार्यवाही करेगी। प्रदेश में मुख्यमंत्री राजे के निर्देश पर ही पदमावत फिल्म पर बैन लगाया गया था।

फिल्म का विरोध करने वाले संगठनों ने ताजा हालातों में तीखी प्रतिक्रिया जताई है। प्रदेश का राजपूत समाज और राजपूत करणी सेना ने तो उग्र तेवरों के साथ ही सिनेमा घरों का बुरा हाल करने तक की चेतावनी दी है। राजपूत करणी सेना के मुखिया लोकेंद्र सिंह कालवी ने जनसत्ता से कहा कि पूरे देश की सामाजिक संगठनों से अपील की जाएगी कि वह अपने यहां पदमावत फिल्म नहीं चलने दें। सिनेमा घरों पर जनता कफर्यू लगा दें। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट बैन हटा सकती है पर सिनेमा हाल मालिक हमसे पूछकर ही फिल्म चलाएंगे। कालवी ने दावा किया कि राजस्थान के सिनेमा हाल मालिकों का लिखित पत्र है जिसमें उन्होंने कहा कि करणी सेना की अनुमति से ही पदमावत चलाएंगे। उनका कहना है कि हर हाल में पदमावत का प्रदर्शन रोका जाएगा।

फिल्म के विरोध में 24जनवरी को चित्तौडगढ में महिलाएं जौहर करेंगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। करणी सेना के ही सुखदेव सिंह गोगामेडी ने एक विडियो संदेश में कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति से भी गुहार लगाई जाएगी। यह मामला राजपूत समाज की आन बान और शान के साथ ही भावनाओं से जुडा है। श्रीराजपूत करणी सेना के महिपाल सिंह का कहना है कि समाज की मांग पूरे देश में ही फिल्म पर रोक लगाने की है। ऐसे में यदि फिल्म रिलीज होती है तो फिर नुकसान की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उनका कहना है कि फिल्म के प्रदर्शन से पूरे देश में कानून व्यवस्था बिगड जाएगी।

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