ताज़ा खबर
 

पासवान को मरणोपरांत पद्म पुरस्कारः जज्बाती हुए चिराग, कहा- जाने के बाद भी पापा को PM ने सम्मान दिया है, आभार है

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया है। इसको लेकर चिराग पासवान भुवक नज़र आए।

ramvilas paswan, chirag paswanरामविलास पासवान को दिया गया है पद्म सम्मान (मरणोरांत) (फोटो- एक्सप्रेस फाइल)

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को भी पद्म भूषण (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। चिराग पासवान इस घोषणा के बाद भावुक नज़र आए और उन्होंने प्रधानमंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया है। बता दें कि कुल 119 लोगों के लिए पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई जिनमें 7 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण औऱ 102 पद्म श्री शामिल हैं। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है।

चिराग पासवान ने एक ट्वीट में कहा. ‘लोकजनशक्ति पार्टी के हर एक सदस्य के लिए पार्टी के संस्थापक को पद्मभूषण अवार्ड मिलना अत्यंत गर्व की बात है।परिवार के लिए भी यह भावुक लम्हा है। लोक जनशक्ति पार्टी इस सम्मान से मिली नयी ऊर्जा के साथ पापा के सपनो को पूरा करेगी। लोजपा परिवार के हर एक सदस्य को बधाई।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘पापा में नहीं रहने पर इस सम्मान के लिए पुरे देश का व उन सभी पापा के साथीयों का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने उनके जीवन पर असर डाला।पद्मभूषण अवार्ड के लिए महामहिम राष्ट्रपति,आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं आदरणीय गृह मंत्री अमित शाह जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।’

पासवान ने कहा, ‘आदरणीय प्रधान मंत्री जी श्री नरेंद्र मोदी जी पापा की अंतिम साँस तक उनके साथ खड़े थे। पापा के जाने के बाद भी प्रधानमंत्रीजी ने पापा को हमेशा सम्मान दिया।पद्मभूषण पुरस्कार के लिए मेरे परिवार और लोक जनशक्ति पार्टी की तरफ़ से प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार। पापा ने पूरा जीवन सामाजिक न्याय के लिए व वंचित दलित पिछड़ो की लड़ाई लड़ने के लिए समर्पित किया।भारत सरकार द्वारा पापा को 51 साल के बेदाग़ राजनैतिक जीवन के लिए पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।’

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में रामविलास पासवान का निधन हो गया था। इसके बाद चिराग पासवान पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। उनके निधन के बाद बिहार में चुनाव भी हुए। पासवान की कमी इस चुनाव में भी नजर आई।

Next Stories
1 ट्रैक्टर परेड के लिए किसान तैयार,आज सड़क पर, एक फरवरी को संसद कूच
2 संपादकीय: अंधविश्वास का दुश्चक्र
3 संपादकीय: वार्ता और विवाद
ये पढ़ा क्या?
X