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खतरनाक संकेत! कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन की किल्लत

महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा 10 लाख 37 हजार केस हैं, यहां सरकारी अफसरों के साथ अस्पतालों ने भी ऑक्सीजन की किल्लत का मुद्दा उठाया है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र मुंबई | Updated: September 13, 2020 7:50 AM
Corornavirus, COVID-19, Oxygen Cylindersदेश के कुछ हिस्सों में कोरोना के बढ़ते केसों के बीच ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी आई है। (फोटो- PTI)

कोरोना के बढ़ते केसों के बीच भारत के कुछ हिस्सों में अब ऑक्सीजन सप्लाई में कमी की बातें सामने आ रही हैं। स्थानीय सरकारों और अस्पतालों से जुड़े अफसरों का कहना है कि जैसे-जैसे देश में केसों की संख्या बढ़ रही है, कुछ जगहों पर ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी आ रही है। बता दें कि भारत में कोरोना के अब तक 47 लाख से ज्यादा केस आ चुके हैं। एक दिन पहले ही देश में 97 हजार नए केस दर्ज किए गए थे, जो कि एक दिन का रिकॉर्ड है। इसके अलावा अब तक 77 हजार लोगों की मौत भी हो चुकी है।

कोरोना से सबसे बुरा हाल महाराष्ट्र का है, जहां अब तक कोरोना के 10 लाख 37 हजार से ज्यादा केस आ चुके हैं और देश में हुई कुल मौतों का लगभग 36 फीसदी हिस्सा भी इसी राज्य से है। इस लिहाज से अगर महाराष्ट्र कोई देश होता, तो यह कोरोना के मामलों में रूस के बराबर होता। मुंबई में भी हालात बेहद खराब हैं। यहां पनवेल के निरामया अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर अमित थडानी का कहना है कि राज्य के कुछ हिस्सों में मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई मिलनी मुश्किल होती जा रही है।

थडानी ने बताया कि यह परेशानी आधारभूत स्तर पर ही है, क्योंकि ऑक्सीजन के फिलिंग स्टेशनों को ही उत्पादकों से ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। इस वक्त सप्लाई सीमित हैं। अगर हम 50 सिलेंडर की मांग करते हैं, तो हमें 5 से 7 सिलेंडर ही मिल रहे हैं। दूसरी तरफ नवी मुंबई नगरपालिका के एक अफसर ने बताया कि उन्हें भी कई अस्पतालों से ऑक्सीजन सप्लाई की आपूर्ति में आ रही कमी की रिपोर्ट मिल रही हैं। इस बारे में हमने राज्य सरकार के अधिकारियों से अनुरोध किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में केस बढ़ने की वजह से ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोतरी देखी गई। नवी मुंबई महानगरपालिका के कमिश्नर अभिजीत बांगर इस मामले में बात करने के लिए मौजूद नहीं थे।

क्या कहना है सरकारी अफसर और विशेषज्ञों का?: सरकारी अफसरों और विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र और देश के कुछ अन्य हिस्सों में केसों के बढ़ने की एक वजह आर्थिक गतिविधियों का दोबारा शुरू होना है। साथ ही स्थानीय त्योहार और लॉकडाउन की थकावट की वजह से भी लोग बाहर निकल रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में बायोस्टैटिस्टिक्स और महामारी विशेषज्ञ भ्रमर मुखर्जी ने कहा है कि वे भारत में महामारी की स्थिति से काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि हर हफ्ते यह संकट बद से बद्तर होता जा रहा है, पर देश के एक बड़े हिस्से ने इसे नजरअंदाज करने का फैसला कर लिया है।

मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी के बीच मदद पहुंचा चुकी है केंद्र सरकार: कोरोना के बढ़ते केसों के बीच ऑक्सीजन की कमी से जूझने वाला महाराष्ट्र अकेला राज्य नहीं है। मध्य प्रदेश में दो दिन पहले ही चार मरीजों की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई थी। चारों लोग देवास के रहने वाले थे। हालांकि, इस घटना के बाद राज्य के शिवराज सिंह चौहान सरकार ने केंद्र से मदद मांगी थी। केंद्र ने आपात स्थिति में मध्य प्रदेश को 1 हजार ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीनें पहुंचाई थीं, जिन्हें बाद में भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों तक पहुंचाया गया, ताकि आसपास के किसी राज्य में ऑक्सीजन आपूर्ति में कमी न आए।

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