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ऑक्सीजन एक्सप्रेस बचाएगी कोरोना मरीजों की जान, निर्बाध संचालन के लिए रेलवे बना रहा ग्रीन कॉरीडोर

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि ट्रेनों के जरिए तरल मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडर देशभर में भेजे जाएंगे। ऑक्सीजन एक्सप्रेस को तेजी से चलाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है।

Indian Railway, Oxygen Express, Corona, Covid-19, green corridorऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने की तैयारी में रेलवे (फोटोः ट्विटर@PBNS_India)

कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाएगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि ट्रेनों के जरिए तरल मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडर देशभर में भेजे जाएंगे। ऑक्सीजन एक्सप्रेस को तेजी से चलाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है।

ऑक्सीजन की कमी इस समय सबसे बड़ा मसला है। कोरोना मरीजों की मौत होने के पीछे सबसे बड़ा कारण ऑक्सीजन की कमी है। लोगों की जान बचाने के लिए रेलवे ने खुद पहल करते हुए तरल ऑक्सीजन की आवाजाही से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के बारे में पता लगाया। सारी चीजें तय होने के बाद फैसला लिया गया कि मालगाड़ी की खाली बोगियों पर ऑक्सीजन टैंकर भेजे जाएंगे। मुंबई के बोइसर में रविवार को इसका ट्रायल किया गया। यहां एक भरे हुए टैंकर फ्लैट वैगन पर लोड करके देखा गया।

17 अप्रैल को रेलवे बोर्ड के अधिकारियों, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर्स और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के बीच मीटिंग हुई। इसमें जोनल रेलवे को निर्देश दिए गए कि ट्रेलर मंगाने और उन्हें वापस लोड करने में तेजी दिखाई जाए। इसके लिए विजाग, अंगुल और भिलाई में रैंप बनाए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि ऑक्सीजन लेने के लिए 10 खाली टैंकर सोमवार को विशाखापट्टनम, विजाग, जमशेदपुर, राउरकेला और बोकारो भेजे जाएंगे। इससे अगले कुछ दिनों में ऑक्सीजन एक्सप्रेस शुरू होने की उम्मीद है।

देश में कोरोना वायरस भयावह रूप दिखा रहा है। हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से आज सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों में बताया गया है कि बीते 24 घंटे में देशभर में कोरोना से 1501 लोगों ने दम तोड़ा। इस दौरान 2 लाख 61 हजार 500 नए मरीज सामने आए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ऑक्सीजन को लेकर हो रही है। गंभीर रूप से बीमार या फिर उम्रदराज लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं तो उन्हें वहां ऑक्सीजन ही नहीं मिल पा रही है। तकरीबन सारे सूबों में यही हाल है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों ने रेलवे से संपर्क कर कहा था कि वह तरल मेडिकल ऑक्सीजन टैंकर के ट्रांसपोर्ट पर विचार करे, जिसके बाद रेलवे ने ये फैसला किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि इसके लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। अगले कुछ दिनों में ऑक्सीजन की आवाजाही का काम तेजी से शुरू करा दिया जाएगा।

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