scorecardresearch

Jammu & Kashmir: जो युवा चुनते हैं घाटी में आतंक का रास्ता, उनमें से 64% एक साल के भीतर हो जाते हैं ढेर

अधिकारियों ने बताया कि जनवरी और मई के बीच घाटी में मारे गए कुल 90 आतंकवादियों में से 26 पाकिस्तानी नागरिक थे।

jammu kashmir | terrorism | pulwama
Jammu & Kashmir: आतंक का रास्ता चुनने वाले 64% युवा एक साल के भीतर हो जाते हैं ढेर। ( फोटो सोर्स: @Gurmeet_Singhhh)।

जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने वाले युवाओं की अल्प आयु ही होती है। इनमें 64 प्रतिशत से अधिक सुरक्षा बलों द्वारा एक साल के भीतर मारे जाते हैं। यह जानकारी रविवार (3 जुलाई, 2022) को अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने कहा कि एक मजबूत ऑन-ग्राउंड इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से सुरक्षा बलों ने इस साल के पहले पांच महीनों में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है, हालांकि दक्षिण कश्मीर में लगातार हिंसा चिंता का कारण बनी हुई है।

इस साल 1 जनवरी से 31 मई के बीच निष्प्रभावी किए गए आतंकवादियों के आंकड़ों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा कि एक साल के भीतर 64.1 प्रतिशत नए आतंकी रंगरूटों को खत्म कर दिया गया। 28.1 प्रतिशत आतंकवादी एक महीने के भीतर मारे गए, 54.7 प्रतिशत छह महीने के भीतर और 59.4 प्रतिशत नौ महीने के भीतर मारे गए।

अधिकारियों ने कहा कि इस साल के पहले पांच महीनों में 70 से 75 युवा कश्मीर घाटी में विभिन्न आतंकी समूहों में शामिल हुए हैं। पिछले साल का यह आंकड़ा बराबर के करीब था। उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर घाटी आतंकवाद का अड्डा बना हुआ है, क्योंकि इस साल के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने 59 आतंकवादियों को मार गिराया है, जबकि मध्य और उत्तरी कश्मीर में इस तरह की 31 हत्याएं हुईं।

जनवरी और मई के बीच घाटी में मारे गए कुल 90 आतंकवादियों में से 26 पाकिस्तानी नागरिक थे और यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में बहुत अधिक है जब 100 आतंकवाद विरोधी अभियानों में 20 विदेशियों सहित 182 आतंकवादी मारे गए थे। अधिकारियों ने कहा कि इस अवधि के दौरान 45 आतंकवादियों को हथियारों और गोला-बारूद के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया गया था

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से घाटी में घुसपैठ की कोशिश के दौरान 47 मुठभेड़ों में मारे गए 90 आतंकवादियों में से छह को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर मार गिराया गया। इस साल जनवरी से अब तक के 52 आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है और 18 अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) दूसरे स्थान पर था, जिसके 20 आतंकवादी मारे गए और चार अन्य गिरफ्तार किए गए, उसके बाद हिजबुल मुजाहिदीन (11 मृत और एक गिरफ्तार) और अल-बद्र (चार मृत और तीन गिरफ्तार)। अधिकारियों ने कहा कि मारे गए तीन शेष आतंकवादियों की पहचान नहीं हो सकी है।

अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के चार जिलों – पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां में 59 आतंकवादियों के मारे जाने और 10 अन्य की गिरफ्तारी दर्ज की गई। पुलवामा जिले में सात विदेशियों सहित आतंकवादियों की सबसे अधिक 27 हत्याएं दर्ज की गईं। इसके बाद अनंतनाग (12), कुलगाम (11) और शोपियां (नौ) हत्याएं दर्ज की गईं। अधिकारियों ने बताया कि कुलगाम में मारे गए 11 आतंकवादियों में पांच विदेशी आतंकवादी थे।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट

X