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रिपोर्ट: हर रोज 10 लाख से ज्यादा लोगों को नहीं मिल पाता है ट्रेन में कन्फर्म टिकट

अध्ययन के अनुसार दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से टिकट आरक्षित कराने वाले करीब 43 प्रतिशत यात्रियों का आरक्षण पक्का नहीं हो पाता।

प्रतीकात्मक तस्वीर

एक ताजा अध्ययन के अनुसार भारत में हर रोज 10 लाख से अधिक लोगों को ट्रेन का कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता है। रेलयात्री डॉट इन द्वारा किए गए इस अध्ययन के अनुसार भारतीय रेलवे में यात्रियों की मांग के अनुरूप सीटों की उपलब्धता नहीं होती है जिसके कारण ज्यादातर यात्रियों को निराश होना पड़ता है। रेलयात्री डॉट इन जनवरी 2016 से पूरे देश में रेल टिकट आरक्षण के डाटा का अध्ययन कर रहा है। इस अध्ययन के अनुसार पूरे देश में हर रोज 10-12 लाख यात्री कन्फर्म टिकट न मिल पाने के कारण रेल यात्रा नहीं कर पाते. यानी आम तौर पर करीब 13 प्रतिशत यात्रियों को प्रतिदिन टिकट नहीं मिल पाता। वहीं यात्रा सीज़न में कन्फर्म टिकट न हासिल कर पाने वालों की संख्या करीब 19 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।

रेलायात्री डॉट इन के डाटा वैज्ञानिकों ने देश के 3100 रेलवे स्टेशनों के करीब 2800 ट्रेनों में टिकट पाने की कोशिश करने वाले 30 लाख से ज्यादा यात्रियों के ब्योरों के आधार पर ये अध्ययन किया है।  वैज्ञानिकों ने गणितीय मॉडल के आधार पर पूरे देश में प्रतिदिन टिकट न पा सकने वाले यात्रियों की संभावित संख्या निकाली है। अध्ययन में देश के उन स्टेशनों का भी अध्ययन किया है जहां टिकट पाना ज्यादा मुश्किल होता है। अध्ययन के अनुसार दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से टिकट आरक्षित कराने वाले करीब 43 प्रतिशत यात्रियों का आरक्षण पक्का नहीं हो पाता। वहीं जम्मू के जम्मू तवी स्टेशन से हर रोज करीब 38 प्रतिशत यात्रियों का टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल पर करीब 33 प्रतिशत यात्रियों को आरक्षित टिकट नहीं मिल पाता। कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन से 28 प्रतिशत यात्रियों को प्रतिदिन टिकट नहीं मिल पाता। इसके अलावा बैंगलोर सिटी जंक्शन और हरिद्वार जंक्शन पर 21 प्रतिशत, पुणे जंक्शन और गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर 20 प्रतिशत, चेन्नई सेंट्रल और गोरखपुर जंक्शन पर प्रतिदिन 19 प्रतिशत यात्रियों को आरक्षित टिकट नहीं मिल पाता।

रेल मंत्रालय ने हाल ही में देश के प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू किया है जिससे इन ट्रेनों में सेकंड एसी और थर्ड एसी के किरायों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। फ्लेक्सी फेयर सिस्टम के तहत इन ट्रेनों के श्रेणियों में उपलब्ध कुल टिकट में से 10 प्रतिशत समान्य दर पर मिलेंगे। उसके बाद टिकटों की घटती संख्या के अनुपात में उनकी कीमत बढ़ती जाएगी। इस सिस्टम के तहत कई बार ट्रेन के इन श्रेणियों का किराया सस्ती हवाई सेवाओं से कम या बराबर हो जाता है।

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indian rail रेलवे ने प्रीमियम श्रेणियों में किराया करीब डेढ़ गुना बढ़ा दिया है। (एजेंसी- फाइल फोटो)

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