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कोरोना से आगरा में हाहाकार! किसी को न मिली श्मशान में जगह तो जाना पड़ा अलीगढ़, किसी ने कार के ऊपर लाश बांध शव पहुंचाया घाट

मोहित कुमार ने अपने पिता अवधेश कुमार के लिए आगरा के ताजगंज श्मशान में एक स्लॉट हासिल किया था, लेकिन उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिली। आखिरकार, उसने अपने पिता को अपनी कार के ऊपर छत से बांध कर श्मशान घाट पहुंचाया।

श्मशान घाट में किया जा रहा है लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार (फोटो- PTI)

देश में कोरोना संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली, मुंबई के अलावा अब कई अन्य शहरों में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। आगरा में मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं है। एक मृतक के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए तीन दिन इंतजार करने के लिए कहा गया था। परिजनों ने आगरा से 90 किलोमीटर दूर अलीगढ़ में जाकर अंतिम संस्कार किया।

अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को ठीक होने से पहले ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। शनिवार को आगरा के 10 अस्पतालों से लगभग 1 हजार मरीजों को ऑक्सीजन की कमी के कारण डिस्चार्ज कर दिया गया। भारतीय रेलवे में कार्यरत प्रेमपाल सिंह का निधन कोरोना से हो गया। उनके परिजनों को उनके अंतिम संस्कार करने के लिए आगरा से 90 किलोमीटर दूर अलीगढ़ जाना पड़ा। प्रेमपाल सिंह  के बेटे कृष्णा कुमार लोधी ने बताया कि पिता रेलवे में ड्यूटी दे रहे थे। दो दिन पहले अचानक उनकी तबियत खराब हो गयी। बाद में प्रेमपाल सिंह कोरोना संक्रमित पाए गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां गुरुवार उनकी मौत हो गयी।

कृष्णा कुमार लोधी ने बताया कि पड़ोसियों को श्मशान गृह भेजने पर पता चला कि अभी 3 दिन इंतजार करना होगा तब ही अंतिम संस्कार संभव है। जिसके बाद रिश्तेदारों से पता चला कि अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में अंतिम संस्कार हो जाएगा। शाम लगभग साढ़े सात बजे उनका अलीगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया।

इसी तरह मोहित कुमार ने अपने पिता अवधेश कुमार के लिए आगरा के ताजगंज श्मशान में एक स्लॉट हासिल किया था, लेकिन उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिली। आखिरकार, उसने अपने पिता को कार के ऊपर छत से बांध कर श्मशान घाट पहुंचाया।

आगरा के अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट का भी सामना किया जा रहा है। आईएमए के अधिकारी डॉ. ओपी यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने आगरा में कोविड अस्पतालों के रूप में 34 केंद्र स्थापित किए हैं। शनिवार को इन अस्पतालों में 3,340 मरीज थे, लेकिन इनके पास ऑक्सीजन खत्म हो गया था। उन्होंने कहा कि अधिकांश अस्पताल किसी तरह अपने प्रयासों के माध्यम से कुछ सिलेंडरों की व्यवस्था करने में कामयाब रहे, लेकिन 10 अस्पतालों को अपने सभी कोविड रोगियों को डिस्चार्ज करना पड़ा।

बताते चलें कि आगरा में पिछले कई दिनों से लगभग 500 नए मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को 437 नए मामले सामने आए थे। शुक्रवार को आगरा में 594 नए मामले आए थे। संक्रमितों की संख्या 17163 तक पहुंच गयी है।

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