पश्चिम बंगाल में गुरुवार को पहले चरण का मतदान जारी है। इसी बीच मुर्शिदाबाद के नौदा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने एयूजेपी के प्रमुख हुमायूं कबीर के काफिले पर पथराव किया। साथ ही उनकी गाड़ी घेर लिए और लाठी डंडे से हमला किया। कथित तौर पर मदतान केंद्रों पर भी हुमायूं कबीर को खासा विरोध का सामने करना पड़ा।

एयूजेपी के प्रमुख के खिलाफ वापस जाओ के नारे लगे। हालांकि, मौके पर तैनात केंद्रीय बलों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में किया। लेकिन इस घटना के कारण इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। बवाल के संबंध में बात करते हुए टीएमसी के नौदा ब्लॉक प्रमुख सोफिउज्जमान शेख ने कहा कि हुमायूं कबीर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव के दिन वह 15 गाड़ियों के साथ असामाजिक तत्वों और एफआईआर दर्ज अपराधियों को लेकर यहां आए थे। उनका मकसद हमारे पोलिंग एजेंटों को हटाना था।

शेख ने आरोप लगाया कि हुमायूं यहां लगातार गुंडागर्दी कर रहे हैं। हमने विरोध किया, शिकायत भी की, लेकिन चुनाव आयोग या पुलिस प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। न किसी को गिरफ्तार किया गया, न ही किसी को हिरासत में लिया गया। हम उन्हें नौदा में खुलकर घूमने नहीं देंगे। यह हमारी खुली चेतावनी है कि वह यहां न आएं। अगर हुमायूं यहां घूमते हैं, तो हम उन्हें रोकेंगे और घेराव करेंगे।”

घटना के बाद एयूजेपी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा, “टीएमसी चोरों की पार्टी है। नौदा की जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है।”

बता दें कि यह घटना उस समय सामने आई जब हुमायूं कबीर ने आज नवदा क्षेत्र का दौरा किया। इससे पहले बुधवार देर रात, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले यहां देसी बम फेंके गए थे। इस घटना के विरोध में हुमायूं कबीर ने धरना प्रदर्शन आयोजित किया और आरोप लगाया कि बुधवार रात में एक पुलिस अधिकारी ने उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने उस अधिकारी को हटाने की मांग की। साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग से आज हुई झड़प में शामिल टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की भी अपील की।

हुमायूं कबीर ने कहा, “हम चाहते हैं कि नौदा के उस पुलिस अधिकारी को हटाया जाए, जिसने रात में मेरे समर्थकों पर लाठीचार्ज किया। ऐसा नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। वहां एक नए अधिकारी की तैनाती होनी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, मैं यहां धरने पर बैठा रहूंगा। मेरे लोगों को पीटा जा रहा है और धमकाया जा रहा है। यह नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग को उन टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने यह सब किया।”

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, नवदा में हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव को लेकर आयोग ने डीएम से रिपोर्ट मांगी है। मतदान के दौरान स्थिति बिगड़ने पर हालात काबू में रखने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।