देशभर में अमूल पैकेज्ड दूध की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। गोल्ड, शक्ति और ताजा जैसे दूध के विभिन्न वेरिएंट्स पर लागू हुई इस नई दर ने वडोदरा समेत कई शहरों में आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। गुरुवार से लागू हुई नई कीमतों को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
वडोदरा के एक स्थानीय निवासी ने महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा, “आम जनता को महंगाई ने एक और झटका दिया है। अमूल ने अपने मिल्क प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी से लोग काफी परेशान हैं। गुजरात में अमूल गोल्ड, शक्ति, ताजा और काउ मिल्क जैसे कई पैकेज्ड मिल्क वेरिएंट बेचे जाते हैं। नई कीमतें आज से लागू हो गई हैं। अब आधा किलो वाला अमूल गोल्ड का पैकेट 35 रुपये, अमूल शक्ति 32 रुपये और स्लिम एंड ट्रिम 26 रुपये में मिलेगा।”
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा, “काउ मिल्क और ताजा वेरिएंट्स की कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर गृहिणियों और आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ा है। दूध रोजमर्रा की जरूरत है और लगातार बढ़ती महंगाई के बीच घर का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।”
गौरतलब है कि अमूल ब्रांड के तहत दूध और डेयरी उत्पादों की मार्केटिंग करने वाले गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने 14 मई से देशभर में ताजा पैकेज्ड दूध की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। फेडरेशन ने कहा कि नई दरें अमूल दूध के सभी प्रमुख वेरिएंट्स और पैक्स पर लागू होंगी।
जीसीएमएमएफ ने प्रेस रिलीज में कहा कि यह बढ़ोतरी करीब 2.5 से 3.5 प्रतिशत के बराबर है। मई 2025 के बाद पहली बार उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमतों में इजाफा किया गया है। फेडरेशन के मुताबिक, दूध उत्पादन और संचालन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है।
फेडरेशन ने कहा, “दूध उत्पादन और संचालन की कुल लागत बढ़ने के कारण यह मूल्य वृद्धि की गई है। पिछले एक साल में पशु चारे, दूध पैकेजिंग फिल्म और ईंधन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है।” जीसीएमएमएफ ने यह भी बताया कि सदस्य यूनियनों ने किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य में भी प्रति किलो फैट 30 रुपये की बढ़ोतरी की है, जो मई 2025 की तुलना में 3.7 प्रतिशत अधिक है।
फेडरेशन का कहना है कि इस मूल्य संशोधन से दूध उत्पादकों को बेहतर कीमत मिलेगी और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। जीसीएमएमएफ ने कहा, “अमूल की नीति के तहत उपभोक्ताओं द्वारा दूध और दुग्ध उत्पादों पर खर्च किए गए हर एक रुपये में से लगभग 80 पैसे सीधे दूध उत्पादकों को दिए जाते हैं। यह मूल्य संशोधन किसानों के लिए लाभकारी दूध मूल्य बनाए रखने और उन्हें अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने में मदद करेगा।”
