बीजेपी ने बुधवार को शिवपुरी जिले के पिछोरे से विधायक प्रीतम लोधी को उनके हालिया बयान के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह बयान उस आईपीएस अधिकारी को धमकी देने से संबंधित है जिसने हिट एंड रन मामले में उनके बेटे से पूछताछ की थी। बीजेपी की मध्य प्रदेश यूनिट के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने लोधी के व्यवहार को अत्यंत आपत्तिजनक बताते हुए तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
इस नोटिस में लिखा है, “विगत दिनों आपके द्वारा जो आचरण किया गया, वह अत्यंत आपत्तिजनक है। आपके द्वारा किया गया आचरण पार्टी अनुशासन के अनुरूप नहीं है। अत: तीन दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण दें। अन्यथा आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
प्रीतम लोधी का वायरल हुआ था वीडियो
प्रीतम लोधी का एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ गया। वीडियो में उन्हें करेरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के खिलाफ कठोर और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते देखा गया। विधायक कथित तौर पर कहते हैं, “करेरा के एसडीओपी ने जो कहा है, वह मुझे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने मेरे बेटे को चेतावनी दी है कि वह दोबारा यहां न दिखे। मैं एसडीओपी से पूछना चाहता हूं, क्या करेरा आपके पिता की संपत्ति है? आम तौर पर मैं ऐसा नहीं कहता, लेकिन अब मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं। मेरा बेटा करेरा लौटेगा और चुनाव लड़ेगा। अगर आपके पिता में हिम्मत है, तो उसे रोकने की कोशिश करके देखें।”
विधायक लोधी ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, “मैं एसडीओपी को भी याद दिलाना चाहता हूं कि वे हमारे इतिहास पर एक नजर डालें। यदि आप हम पर झूठे आरोप लगाते हैं, अनुचित दबाव डालते हैं या पक्षपातपूर्ण जांच करते हैं, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और आपको मुंहतोड़ जवाब देंगे। मैं ऐसे अधिकारियों से कहना चाहता हूं, अपनी लिमिट में रहें; अपने अधिकार क्षेत्र में रहें।”
आईपीएस एसोसिएशन ने जाहिर की कड़ी नाराजगी
इस मामले में आईपीएस एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। एसोसिएशन ने जोर देकर कहा है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि बीजेपी विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। संगठन ने अपने बयान में यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र माहौल मिलना चाहिए। यदि जनप्रतिनिधि दबाव बनाते हैं तो इसका सीधा असर कानून-व्यवस्था पर पड़ता है।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि यह पूरा विवाद 16 अप्रैल को शिवपुरी के करेरा में हुई सड़क दुर्घना के बाद सामने आया है। दिनेश लोधी ने कथित तौर पर एक महिंद्रा थार से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। शिकायतकर्ता संजय परिहार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, वाहन ने पहले पैदल यात्रियों को टक्कर मारी और फिर मोटरसाइकिल को। घायलों ने दिनेश लोधी को चालक के रूप में पहचाना और बताया कि एसयूवी पर विधायक से जुड़े साइन लगे हुए थे।
