पूर्व नौकरशाह और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के प्रथम अध्यक्ष धनेंद्र कुमार का दिल्ली के हौज खास स्थित उनके आवास में लगी आग में निधन हो गया। यह आग एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में हुए विस्फोट के बाद लगी थी। इस हादसे में उनका बेटा झुलस गया। उसका इलाज चल रहा है। हरियाणा कैडर के 1968 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार (80) ने कार्यकारी निदेशक के रूप में विश्व बैंक में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था।

धुएं के कारण दम घुटने से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान धनेंद्र कुमार की मौत हुई। पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 11:24 बजे हौज खास स्थित एक घर में आग लगने की सूचना मिली थी। आग पर काबू पाने के लिए दमकल के दो वाहनों को लगाया गया।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों के अनुसार, आग पर रात करीब 12.20 बजे काबू पाया जा सका। इस दौरान आग ने भूतल पर रखे घरेलू सामान और दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर स्थित लकड़ी की खिड़कियों को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अंकित मित्तल ने बताया कि धनेंद्र कुमार और उनके पुत्र को घर से सुरक्षित बाहर निकाला गया था और अस्पताल ले जाया गया।

वहां कुमार की इलाज के दौरान धुएं के कारण दम घुटने से मौत हो गई। कुमार का बेटा आग में घायल हो गया और उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे के समय घर के अंदर परिवार के सदस्यों और घरेलू सहायकों समेत पांच लोग मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला कि आग घर के अंदर लगे एयर कंडीशनर के इनडोर यूनिट में विस्फोट के कारण लगी थी।

कुमार ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य किया। उन्होंने हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक और हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के तौर पर भी काम किया।

इधर, पूरे मामले में पूर्व अधिकारी की पड़ोस में रहने वाली महिला ने प्रसाशनिक लापरवाही का आरोप लगाया है। मीडिया से बात करते हुए महिला ने कहा, “फायर ब्रिगेड की टीम काफी देर से पहुंची। जब एक इतने इंफ्लूएंशियल इंसान के लिए मदद इतनी देर से पहुंची तो आम लोगों की क्या स्थिति होगी यह सोचकर ही मुझे घबराहट होती है।”

उन्होंने कहा, “300 मीटर दूर पुलिस स्टेशन है। लेकिन वो मदद को नहीं आए। स्थानीय लोग खुद आग बुझाने की कोशिश में जुटे हुए थे। पुलिस अपनी यूनिट लेकर आने को तैयार नहीं थी। काफी कहने पर वो लोग आए। हमारे देश की व्यवस्था ठीक नहीं है, यह सभी तो पता है। फायर ब्रिगेड की टीम आने में वक्त लगता है। लेकिन पुलिस ने भी तत्काल कोई मदद नहीं की।”