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पुराने नोट रखने पर जुर्माना लगाएगी सरकार

सरकार 30 दिसंबर की सीमा समाप्त होने के बाद किसी के पास पुराने 500 और 1,000 का नोट पाए जाने पर जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है।
Author नई दिल्ली | December 27, 2016 10:16 am
काला धन।

सरकार 30 दिसंबर की सीमा समाप्त होने के बाद किसी के पास पुराने 500 और 1,000 का नोट पाए जाने पर जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है। बैंकों में पुराने नोट जमा कराने की समयसीमा समाप्त होने के बाद किसी के पास ये नोट पाए जाने पर सरकार उन पर जुर्माना लगाने को अध्यादेश ला सकती है। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन इसे बुधवार को कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि किसी के पास भी यदि पुराने 10 से अधिक नोट पाए जाते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

अध्यादेश के जरिये सरकार और रिजर्व बैंक की इन नोटों के धारकों को उनके नोट का मूल्य देने का वादा करने वाली देनदारी को भी समाप्त किया जा सकता है। 1978 में मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सरकार ने 1,000, 5000 और 10,000 का नोट बंद करने के बाद सरकार की देनदारी को समाप्त के लिए इसी तरह का अध्यादेश लाया गया था।

रपटों में कहा गया है कि 30 दिसंबर के बाद पुराने नोट रखने की सीमा 10 तक रखी जा सकती है। इस नियम का उल्लंघन करने पर 50,000 रुपए अधिकतम या जितनी राशि मिलेगी उसका पांच गुना जुर्माना जो भी उच्च्ंचा हो लगाया जा सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों ने कहा कि ऐसे नोट रखने वाले इन्हें 31 मार्च तक रिजर्व बैंक में जमा करा सकते हैं। हालांकि, इस अवधि को भी घटाया जा सकता है।

500 और 1000 रुपए के पुराने नोट जमा कराने की मियाद केवल 4 दिन बची है। बैंकों में नए नोटों की आपूर्ति में सुधार नहीं होने के बावजूद सोमवार से ए  बार फिर बैंकों के बाहर भारी भीड़ और लंबी कतार लगने का सिलसिला शुरू हो गया। बैंकों में नकदी लेने वालों से तीन गुना ज्यादा लोग पुराने नोट जमा कराने पहुंचे। सरकार और बैंक अधिकारियों के विफल दावों से झल्लाए लोगों ने अब उन पर भरोसा करना बंद कर दिया है। पिछले पौने दौ महीने की तरह अब भी शहर के ज्यादातर इलाकों की बैंक शाखाओं में नकदी खत्म के नोटिस चस्पा हो रहे हैं। बैंक अधिकारी भी नोटबंदी के कई हफ्ते बीतने के बाद एकाएक पुराने नोटों को जमा कराने को लेकर बढ़ी भीड़ पर हैरानी जता रहे हैं। इसी के कारण जमा होने वाले नोटों की बारीक जांच भी की जा रही है।

वहीं उम्मीद लगाई जा रही है कि 30 दिसंबर के बाद हालात में सुधार आएगा। हालांकि इस पर भी अटकलें कायम हैं। बैंकों में नकदी की कमी के कारण पिछले तीन हफ्तों से आरबीआइ नहीं खुद शाखा प्रबंधक अपनी तरफ से बनाए नियम ग्राहकों पर लागू कर रहे थे। पहले एक हफ्ते में 24 हजार रुपए तक निकालने के आरबीआइ के आदेश के बावजूद ग्राहकों को सिर्फ चार या पांच हजार रुपए दिए गए।

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