संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह की शुरुआत भी पिछले तीन सप्ताह की तरह ही हंगामेदार रही। कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर शोर-शराबा करने लगे। आसन पर आज आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन थे जिन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया।
हंगामा जारी रहने पर प्रेमचंद्रन ने बैठक शुरू होने के एक मिनट के अंदर दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही फिर से आरंभ होने पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन और उससे संबंधित मसलों पर चर्चा के लिए तैयार है।
संसद में जारी गतिरोध पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “सरकार का प्रस्ताव बिल्कुल स्पष्ट है कि वह छात्र आंदोलन और उससे संबंधित गतिविधियों पर पूरी और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष से मेरी बस यही गुजारिश है कि चर्चा और जवाब दिए जाने के दौरान विपक्ष को गृह मंत्री के बयान को रोकने के लिए कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए। उन्हें गृह मंत्री और सरकार के जवाब को ध्यान से सुनना चाहिए। एक बार चर्चा शुरू हो जाए तो हमें पूरी गहराई से विचार-विमर्श करना चाहिए।”
किरेन रिजिजू की विपक्ष से अपील
मंत्री ने आगे कहा, “ऐसा नहीं हो सकता है कि आप चर्चा मांगते हैं और जब सरकार चर्चा करना चाहती है तो आप हंगामा करते हैं और हाउस को चलाने नहीं देते और नारेबाजी करते हैं। ऐसा नहीं होता है, चर्चा करना है तो सही तरीके से चर्चा करनी पड़ेगी। सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हटती है और आगे भी हम नहीं हटेंगे।” किरेन ने आगे कहा, “गृह मंत्री का बयान ही क्यों हम छात्रों के मुद्दे पर व्यापक चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन जब गृह मंत्री बोलेंगे तो कांग्रेस या पिपक्ष को ऐसी कोई हरकत नहीं करनी चाहिए जवाब को डिस्टर्ब करने की, पूरी तरह से सुनना पड़ेगा।”
विपक्ष का हंगामा
वहीं, दूसरी ओर विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए। विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 और कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 हंगामे के बीच ही पेश किए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए। हालांकि, यह दोनों विधेयक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे।
इस दौरान विपक्ष के सदस्य ‘गृह मंत्री कहां हैं’ कहते सुने गए। पीठासीन सभापति संध्या राय ने विधेयकों को पेश किए जाने का विरोध करने के लिए कुछ विपक्षी सदस्यों के नाम पुकारे लेकिन विपक्ष की तरफ नारेबाजी जारी रही। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर सदन की बैठक दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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(भाषा के इनपुट के साथ)
