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राहुल होंगे महागठबंधन के पीएम उम्‍मीदवार? नाम उछलते ही सामने आए विपक्ष के मतभेद

विपक्ष अपनी पूरी शक्ति समेटकर सत्तारूढ़ भाजपा का मुकाबला करने के लिए एकजुट हो रहा है। लेकिन लेकिन एक मामला अभी ऐसा भी है, जिस पर सभी दलों का आमराय होना बड़ी चुनौती है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो सोर्स- पीटीआई फोटो)

2019 का चुनाव अब करीब है। विपक्ष अपनी पूरी शक्ति समेटकर सत्तारूढ़ भाजपा का मुकाबला करने के लिए एकजुट हो रहा है। लेकिन लेकिन एक मामला अभी ऐसा भी है, जिस पर सभी दलों का आमराय होना बड़ी चुनौती है। अभी तक इस महागठबंधन का नेता तय नहीं हो सका है।

जेडीएस को नहींं है ऐतराज: हालांकि कर्नाटक चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद को बहुमत की स्थिति में प्रधानमंत्री पद का दावेदार कह चुके हैं। इस पर भी कर्नाटक में कांग्रेस की साझीदार जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ऐलान कर चुके हैं कि राहुल की बतौर प्रधानमंत्री दावेदारी से उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन राहुल गांधी की दावेदारी के लिए महागठबंधन के कई अहम दलों की सहमति अभी बाकी है।

राजद ने फंसाया पेंच: राजद ने अलग चाल चल दी है। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजश्वी यादव ने राहुल गांधी को नेता मानने के सवाल पर कहा,”सभी विपक्षी दल एक साथ बैठकर पीएम का नाम तय करेंगे। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी है।” तेजश्वी यादव के तेवरों से साफ जाहिर है कि राहुल को पीएम पद की दावेदारी की राह आसान नहीं होगी।

साफ है कांग्रेस का रुख: रविवार (22 जुलाई) को कांग्रेस ने कांग्रेस कार्य समिति की पहली बैठक बुलाई थी। इसी बैठक में सर्वसम्मति से ये तय किया गया कि राहुल गांधी ही कांग्रेस के पीएम उम्मीदवार होंगे। कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,”कांग्रेस का निर्णय सटीक, सपाट और स्पष्ट है, राहुल गांधी हमारा चेहरा हैं।” इसके अलावा खुद राहुल गांधी भी ये कह चुके हैं कि अगर 2019 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो वह पीएम बन सकते हैं।

दावेदारी पर मोदी का तंज: हालांकि राहुल गांधी की दावेदारी को बीजेपी ने हमेशा ही आड़े हाथों लिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को यूपी के शाहजहांपुर में रैली की थी। रैली में उन्होंने कहा था कि देश के हर कोने को मोदी पर भरोसा है, लेकिन कुछ लोगों को पीएम की कुर्सी तक पहुंचने की बहुत जल्दी है। पीएम मोदी ने ऐसे ही तेवर लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भी दिखाए थे। पीएम मोदी ने कहा,”कहा जा रहा है कि 2019 में अगर कांग्रेस सबसे बड़ा दल बनती है तो मैं (राहुल गांधी) प्रधानमंत्री बनूंगा लेकिन, दूसरों की भी ढेर सारी ख्वाहिशें हैं, उनका क्या होगा? इसे लेकर भ्रम की स्थिति है। ये सरकार का फ्लोर टेस्ट नहीं है। कांग्रेस के तथाकथित साथियों का टेस्ट है, मैं ही प्रधानमंत्री बनूंगा, इस सपने का फ्लोर टेस्ट है।”

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