‘किसान संसद’ में विपक्षी MPs, राहुल समेत दर्शक दीर्घा में बैठे रहे, टिकैत बोले- मंच पर किसी को न दी जगह

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेता शुक्रवार को दोपहर में जंतर-मंतर पहुंचे और तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट की।

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राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता किसानों का समर्थन करने के लिए किसान संसद पहुंचे थे। (फोटो-एएनआई)।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेता शुक्रवार को दोपहर में जंतर-मंतर पहुंचे और तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता ‘किसान बचाओ, भारत बचाओ’ के नारे लगाकर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों को समर्थन देने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता किसान संसद में दर्शक दीर्घा में बैठे नजर आए। इस पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि विपक्ष हमारी मांगों का समर्थन कर रहा है ये अच्छी बात है लेकिन हम विपक्ष को किसानों के मंच पर जगह नहीं दे सकते हैं।

मालूम हो कि कृषि कानूनों के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में टीएमसी, बसपा और AAP शामिल नहीं हैं। जंतर-मंतर पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि आज सभी विपक्षी दल ‘काले कानून’ (कृषि कानून) के खिलाफ अपना समर्थन देने के लिए यहां (जंतर मंतर) इकट्ठा हुए हैं… हम पेगासस पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन वे (केंद्र) ऐसा नहीं होने दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने हर भारतीय का फोन इंटरसेप्ट किया है। मालूम हो कि कि संसद सत्र के मद्देनजर किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर पिछले कुछ दिनों से सांकेतिक ‘संसद’ का आयोजन किए हुए हैं। किसान संगठनों की मांग तीनों कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाने की है।

सूत्रों के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने यह भी तय किया है कि पेगासस जासूसी मामला और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को आगे भी घेरा जाएगा। पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर, संसद के मॉनसून सत्र में शुरू से ही दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। 19 जुलाई से यह सत्र आरंभ हुआ था, लेकिन अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है।

विपक्षी दल इस बात जोर देते आ रहे हैं कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर पहले चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए लोकसभा में कहा था कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है।

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