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Budget 2021: सरकार पर विपक्ष का निशाना, अधीर रंजन बोले, ‘रोड फॉर वोट’, अखिलेश बोले- किसान, ग़रीबों को कुछ नहीं

बजट पेश किए जाने के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि असाधारण स्थिति में जब बजट पेश होगा तो इसमें असाधरण कदम उठाने की झलक मिलेगी। लेकिन सरकार असाधारण स्थिति में बड़े साधारण और निजीकरण की राह पकड़ कर खुद को बचाना चाहती है।

akhilesh yadav ,budget , governmentसपा नेता अखिलेश यादव फोटो – ANI

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2021-2022 का आम बजट पेश किया। बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने अपने भाषण में सरकार की जमकर तारीफ की। जहाँ एक और प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का बजट भारत के आत्मविश्वास को उजागर करने वाला है तो वहीँ विपक्षी नेताओं ने इस बजट को लेकर सरकार को जमकर कोसा। तो आइए जानते हैं कि विपक्षी नेताओं ने इस बजट को लेकर क्या प्रतिक्रिया दी है।

बजट पेश किए जाने के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि असाधारण स्थिति में जब बजट पेश होगा तो इसमें असाधरण कदम उठाने की झलक मिलेगी। लेकिन सरकार असाधारण स्थिति में बड़े साधारण और निजीकरण की राह पकड़ कर खुद को बचाना चाहती है।

सपा नेता और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट ने उन सभी प्रदर्शनकारी किसानों को क्या दिया? बीजेपी हमेशा कहती थी कि वो आय दोगुनी करेगी, क्या इस बजट से किसानों की आय दोगुनी हो रही? हमारे युवा जो पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए काम, रोज़गार के लिए इस बजट में क्या व्यवस्था की गई है, क्या इनको रोज़गार मिलेगा।

साथ ही कांग्रेस राहुल गांधी ने भी सरकार को जमकर कोसा और कहा कि सरकार लोगों के हाथों में पैसे देने के बारे में भूल गई। मोदी सरकार की योजना भारत की संपत्तियों को अपने पूंजीपति मित्रों को सौंपने की है।

बजट में लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के प्रस्ताव पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाते-बनाते भी ज़िंदगी गुजर जाएगी। कहने को तो बहुत कुछ है लेकिन इसमें(बजट) से कितना निकलेगा ये पता चलेगा।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने तो इस बजट को देश बेचने वाला बजट करार दिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह देश बेचने वाला बजट है।यह बजट नहीं सरकारी प्रतिष्ठानों व संपत्तियों को बेचने की सेल थी।रेल,रेलवे स्टेशन,एयरपोर्ट,लाल किला, BSNL,LIC बेचने के बाद यह बजट नहीं बल्कि अब बैंक,बंदरगाह,बिजली लाइनें,राष्ट्रीय सड़के, स्टेडियम,तेल की पाइप लाइन से लेकर वेयरहाउस बेचने का भाजपाई निश्चय है। 

बजट पेश किये जाने के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी नाखुश नजर आयी। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बजट में केंद्र सरकार ने दिल्ली के साथ धोखा किया है। दिल्ली को सिर्फ 325 करोड़ रुपये दिए हैं। दिल्ली को पिछले 17 सालों से केंद्र सरकार 325 करोड़ रुपये देती आई हैं। एक रुपये भी नहीं बढ़ाया। उम्मीद थी कोरोना काल में पैसा बढ़ाकर दिया जाएगा।

हालाँकि विपक्षी नेताओं के तमाम दावे के बावजूद भाजपा नेताओं ने इसे आत्मनिर्भर बनाने वाला कदम बताया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह बजट भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। बजट के बाद हर सेक्टर में पॉजिटिविटी आई है। कोरोना महामारी के बाद GDP को बढ़ाने के लिए जितने भी कदम उठाने की आवश्यक्ता थी, वो हर कदम उठाए गए हैं।

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