थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पिछले साल चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की। सेना की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान सैन्य रणनीति, संयम और सटीकता का बेहतरीन उदाहरण था। दिल्ली में सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज में आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने यह बातें कही। सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सैन्य सटीकता, सूचना नियंत्रण, कूटनीतिक संकेत और आर्थिक दृढ़ता का प्रभावी प्रदर्शन किया।

जनरल द्विवेदी ने कहा, “12 महीने पहले भारत ने दुनिया को तथाकथित ‘स्मार्ट पावर’ का एक आंशिक उत्तर दिया था। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात 22 मिनट की सटीक कार्रवाई में ऑपरेशन सिंदूर ने सैन्य क्षमता, सूचना नियंत्रण, कूटनीतिक संदेश और आर्थिक संकल्प को एक राष्ट्रीय अभियान के रूप में पेश किया। इस अभियान ने पड़ोसी देश के अंदर तक जाकर आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया और लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक धारणाओं को तोड़ा। इसके बाद भारत ने सोच-समझकर कार्रवाई रोकी, जो स्मार्ट पावर का सबसे सटीक उदाहरण था।”

उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर पॉवर पॉलिटिक्स के जरिए समृद्धि को पुनर्गठित करने की कोशिश हो रही है, जिससे अविश्वास, अस्थिरता और गठबंधनों में विरोधाभास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसी दुनिया का वादा किया गया था जहां समृद्धि शक्ति राजनीति को अप्रासंगिक बना देगी, लेकिन आज हालात इसके उलट हैं।”

सेना प्रमुख ने कहा कि अब सुरक्षा और समृद्धि के बीच की सीमा लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वैश्विक रक्षा खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है, जो अमेरिका के विकास लक्ष्यों के पूरे बजट से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा, “सुरक्षा अब वह बोझ नहीं है जिसे समृद्धि उठाए, बल्कि समृद्धि की शुरुआत के लिए सुरक्षा पहली शर्त बन चुकी है।”

गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर को 1971 के बाद पाकिस्तान के अंदर भारत की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई माना गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के उन आतंकियों को निशाना बनाया, जो भारत में आतंकी हमलों की साजिश और उसे अंजाम देने में शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार भारतीय सशस्त्र बलों ने स्पेशल प्रिसिजन वेपन का इस्तेमाल करते हुए कुल नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इनमें पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके और सियालकोट समेत चार ठिकाने और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के पांच ठिकाने शामिल थे। इस संयुक्त अभियान को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर अंजाम दिया था।