भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इन वीर जवानों के नाम दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के रोल ऑफ ऑनर में अंकित किए जाएंगे। भारत ने 6 और 7 मई 2025 की मध्य रात्रि पाकिस्तान में स्थित आतंकी अड्डों को तबाह करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन शुरू किया था।

इन 6 शहीदों में भारतीय सेना के पांच जवान और भारतीय एयरफोर्स के एक जवान के नाम शामिल हैं। भारतीय सेना के राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र और साजेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक से सम्मानित किया है।

6 शहीदों के नाम

इन वीर शहीदों में सेना 5 फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार 07 मई को शहीद हुए, 851 लाइट रेजिमेंट में एविएटर मूड मुरली नायक 09 मई को शहीद हुए। एयरफोर्स के 39 विंग के साजेंट 10 मई को शहीद हुए थे। इसके अलावा, 4 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के राइफलमैन सुनील कुमार 10 मई को वीरगति को प्राप्त हुए। 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी के हवलदार सुनील कुमार सिंह 6 जून को शहीद हुए।

भारत ने 9 आतंकी लान्चिंग पैड किया था तबाह

भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस हमले में सरकार की ओर से दावा किया गया था कि 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद 10 मई को पाकिस्तान के सैन्य महानिदेशक (DGMO) ने भारतीय सेना के समकक्ष को फोन कर सीजफायर की रिक्वेस्ट की।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों के हमले में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तान में बहावलपुर के मरकज सुभान अल्लाह, तेहराकलां के सरजल, कोटली के मरकज अब्बास, मुजफ्फराबाद के सैयदना बिलाल कैंप पर बर्बाद हुआ था। साथ ही मुरीदके में लश्कर ए तैयबा के मरकज तैयबा कैंप, बरनाला में मरकज अहले हदीस, मुजफ्फराबाद में शावई नाला कैंप भी ध्वस्त किया गया था। इसके अलावा, कोटली में हिजबुल मुजाहिदीन का मस्कर राहील शाहिद कैंप और सियालकोट में महमूना जोया कैंप भी बर्बाद किया गया था।

इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी हमले पर जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस को भी बर्बाद किया गया था।

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। द इंडियन एक्सप्रेस को मिली NIA की चार्जशीट से पता चला है कि पहलगाम आतंकी हमले की साजिश 15 अप्रैल 2025 को ही शुरू कर दी गई थी। यह जानकारी मारे गए आतंकियों के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर सामने आई है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय घोड़ा चालक की मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें