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‘ऑपरेशन राहत’ सफल, यमन में बंद किया गया भारतीय दूतावास

भारत ने यमन के सबसे बड़े शहर सना से अपने अन्य 630 नागरिकों को लाने के साथ ही वहां से भारतीयों को निकालने से संबंधित हवाई अभियान गुरुवार को संपन्न कर लिया। अब तक कुल 4,640 भारतीयों को युद्ध प्रभावित यमन से वापस लाया जा चुका है। इसके अलावा 41 देशों के 960 नागरिकों को भी […]

Author April 10, 2015 6:43 PM
अब तक कुल 4,640 भारतीयों को युद्ध प्रभावित यमन से वापस लाया जा चुका है। (फाइल फ़ोटो-पीटीआई)

भारत ने यमन के सबसे बड़े शहर सना से अपने अन्य 630 नागरिकों को लाने के साथ ही वहां से भारतीयों को निकालने से संबंधित हवाई अभियान गुरुवार को संपन्न कर लिया। अब तक कुल 4,640 भारतीयों को युद्ध प्रभावित यमन से वापस लाया जा चुका है। इसके अलावा 41 देशों के 960 नागरिकों को भी भारत ने वहां से बाहर निकाला।

भारतीयों को वहां से निकालने के अभियान की निगरानी के लिए जिबूती गए विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने बताया कि सना से लोगों को ले कर जा रहे विमान को बमबारी होने की वजह से रास्ता बदलना पड़ा। उन्होंने ट्वीट किया ‘‘शुरू में हमें अनुमति नहीं दी गई, फिर बमबारी की वजह से विमान को रुकना पड़ा और हमें रास्ता बदलना पड़ा।’’

विदेश मंत्रालय ने बताया कि बचाव अभियान के तहत 5,600 से अधिक लोगों को वहां से निकाल लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, सना से एयर इंडिया के तीन विशेष विमानों से 630 से अधिक लोगों को लाए जाने के साथ ही भारत ने वहां से लोगों को हटाने के लिए तीन अप्रैल से शुरू किया गया अपना हवाई अभियान को समाप्त कर दिया।

भारत ने बुधवार को 140 नर्सों के समूह के आग्रह के बाद अभियान की अवधि एक दिन और बढ़ाने का फैसला किया था।
सिंह ने कहा कि जो लोग भारत आने के इच्छुक थे उन सभी को वहां से हटाया जा चुका है और हवाईअड्डे पर कोई भी शेष नहीं है। उन्होंने कहा ‘‘एक संतोषजनक दिन….।’’

यमन के सबसे बड़े शहर सना से विमानों के जरिये हटाए जाने वाले भारतीयों की संख्या 2,900 से अधिक हो गई। इन लोगों को 18 विशेष उड़ानों के जरिये वहां से हटाया गया।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा, भारतीय नौसैनिक पोतों ने भी 31 मार्च से यमन के अदन, अल हुदायदाह और अल मुकाल्ला बंदरगाहों से 1,670 भारतीयों को बाहर निकाला है। भारतीय नौसैनिक पोत आईएनएस सुमित्रा ने 349 व्यक्तियों को 9 अप्रैल को अल हुदायदाह बंदरगाह से निकाला। इनमें 46 भारतीय और 303 विदेशी नागरिक हैं।

मंत्रालय ने बताया ‘‘लोगों को वहां से हटाने के अभियान के तहत 5,600 लोगों को वहां से निकाला गया। इनमें 4,640 से अधिक भारतीय नागरिक और 41 देशों के 960 विदेशी नागरिक शामिल हैं।’’बाहर निकाले गए नागरिकों को जिबूती ले जाया गया जहां से उन्हें भारतीय वायु सेना के विमान से भारत लाया गया।

इस बीच, कोयंबूतर से मिली एक खबर में बताया गया है कि यमन में एक तेल कंपनी में कार्यरत एक इंजीनियर सैमुअल पाकिस्तान के कराची होते हुए आज कोयंबतूर लौट आया। सैमुअल कोयंबतूर के थुदियालुर का रहने वाला है।

यमन में परेशान सैमुअल को पाकिस्तानी नौसेना ने बचाया और कराची ले कर आई। कराची से वह आज दोपहर को दिल्ली पहुंचा जहां से उसे कोयंबतूर भेजा गया।

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि यमन में गुरुवार को अदन बंदरगाह में बम विस्फोट होने के बाद सुरक्षा हालात और बिगड़ गए हैं।

बाद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर कहा ‘‘यमन से लोगों को हटाने का अभियान संपन्न। जनरल वी के सिंह आज रात लौट रहे हैं। हम वहां अपना दूतावास बंद कर रहे हैं।’’

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