केरल की सांप्रदायिक सद्भाव और सहिष्णुता की परंपरा का एक और उदाहरण पेश करते हुए, यहां की पायलम जुमा मस्जिद के इमाम ने मुस्लिम अनुयायियों से आग्रह किया है कि वे अगले हफ्ते अट्टुकल भगवती मंदिर के पोंगल उत्सव के लिए शहर में आने वाली (हिंदू) महिलाओं और बच्चों के लिए मस्जिदों और मुस्लिम घरों को खुला रखें।

शुक्रवार के अपने भाषण में इमाम वीपी सुहैल मौलवी ने कहा, “कुछ ही दिनों में अट्टुकल पोंगल होने वाला है। हम इसके रीति-रिवाजों और कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन, सैकड़ों बहनें (महिलाएं) और बच्चे तिरुवनंतपुरम शहर में मेहमान बनकर आएंगे। हमें उनका बेहतरीन स्वागत करना होगा। इस बार पोंगल रमजान के महीने में हो रहा है। हमें उन्हें भाईचारे और प्रेम का भाव देना होगा। हमें उन्हें पीने का पानी और रमजान के पकवान देने होंगे। हमें उन्हें आराम करने के लिए जगह देनी होगी। हमारी मस्जिदें और घर उनके लिए खुले होने चाहिए। हमें यह समझना चाहिए कि केवल प्रेम और भाईचारे के माध्यम से ही इस्लाम विरोधी भावना और नफरत का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।”

हमें विभाजनकारी ताकतों के प्रसायों पर विजय हासिल करनी होगी- मौलवी

उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मौलवी ने शनिवार को मीडिया से कहा, “हमें विभाजनकारी ताकतों के प्रयासों पर विजय हासिल करनी होगी। हम भले ही अलग-अलग धर्मों के हों, लेकिन हम सभी मानव जाति नामक परिवार के सदस्य हैं। मैं इसी विचार को बढ़ावा देना चाहता था। पोंगल पर्व के दौरान, आमतौर पर सभी मस्जिदें अपने परिसर हिंदू श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखती हैं। रमजान के दौरान, श्रद्धालु उपवास रखते हैं और वे थक जाते हैं।” लेकिन, उन्हें दूसरों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के बारे में सोचना चाहिए।

पोंकाला अट्टुकल भगवती मंदिर का वार्षिक उत्सव

पोंकाला तिरुवनंतपुरम के अट्टुकल भगवती मंदिर का वार्षिक उत्सव है। महिलाओं की सबरीमाला के रूप में फेमस इस उत्सव के मुख्य दिन, 3 मार्च को हजारों महिलाएं शहर में उमड़ती हैं। महिलाएं मंदिर से कई किलोमीटर तक राज्य की राजधानी की सभी सड़कों पर कतार बनाकर पोंकाला (मीठी चावल की खीर) तैयार करती हैं।

तिरुवनंतपुरम के पलायम स्थित जुमा मस्जिद राज्य की राजधानी का एक प्रमुख स्थल है। 1813 में बनी इस मस्जिद का जीर्णोद्धार 1960 में किया गया था। वर्तमान मस्जिद का उद्घाटन 1967 में तत्कालीन भारत के राष्ट्रपति जाकिर हुसैन द्वारा किया गया था।

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हाउसबोटों से झीलों में होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने की तत्काल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, केरल उच्च न्यायालय ने कई निर्देश जारी किए हैं। उच्च न्यायालय ने इन नियमों का पालन न करने वाली हाउसबोटों पर एक्शन लेने को भी कहा है। पढ़ें पूरी खबर…