OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने शुक्रवार को द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के कार्यक्रम एक्सप्रेस अड्डा में शिरकत की। यहांं उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका के साथ बातचीत की। इस दौरान ऑल्टमैन ने कहा कि नौकरियों पर एआई के प्रभाव का अनुमान लगाना कठिन है।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव उतना तेज़ नहीं होगा जितना समाज में कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं, आखिरकार लोग करने के लिए नए काम ढूंढ लेंगे। आइए जानते हैं अनंत गोयनका संग सैम ऑल्टमैन की बातचीत की बड़ी बातें..
सैम ऑल्टमैन ने डारियो अमोदेई के साथ हुए अजीब वाकये पर कहा, “इंटरनेट पर हँसने के लिए कुछ न कुछ तो होना ही चाहिए। यह एक अजीब तरह से छोटी दुनिया है लेकिन व्यावसायिक रूप से बहुत प्रतिस्पर्धी है। इसमें और कुछ जोड़ने की ज़रूरत नहीं है।”
दरअसल, दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच पर सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई थे। कार्यक्रम में जब सभी से एकता दिखाने के लिए हाथ पकड़ने का अनुरोध किया गया तो दोनों ने हिचकिचाहट दिखाई और हाथ मिलाने के बजाय अपनी मुट्ठियां हवा में उठा दीं।
सैम ऑल्टमैन ने की एलन मस्क की तारीफ
एलन मस्क के बारे में बात करते हुए सैम ऑल्टमैन ने कहा कि मस्क भौतिक इंजीनियरिंग में बेहद कुशल हैं और लोगों को उनके काम में अविश्वसनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने में माहिर हैं।
एआई मनोविकार पर ऑल्टमैन ने कहा कि दुनिया में कुछ लोग ऐसे होंगे जिन्हें एआई से प्यार हो जाएगा जो कि दुनिया का एक छोटा सा प्रतिशत होगा। समाज के अंत के बारे में सनसनीखेज लेख लिखे जाएंगे लेकिन लगभग सभी के लिए, मानवीय संबंध सबसे मूल्यवान चीजों में से एक रहेगा।
सैम ऑल्टमैन चैटजीपीटी से कौन सा सवाल कभी नहीं पूछेंगे इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मैं कभी भी ChatGPT से खुश रहने का तरीका नहीं पूछूंगा। थेरेपी और जीवन संबंधी सलाह जैसी चीजों के लिए यह अच्छा हो सकता है, लेकिन जीवन दर्शन के लिए नहीं।
AI में आए बदलाव
एआई में आए बदलावों पर ऑल्टमैन ने कहा, “एक साल पहले, एआई हाई स्कूल स्तर का गणित हल कर पा रहा था और लोगों को इस पर विश्वास नहीं हो रहा था। उससे कुछ साल पहले तक एआई प्राथमिक स्तर का गणित भी हल नहीं कर पाता था। पिछले हफ्ते, शोधकर्ताओं ने पहला प्रमाण जारी किया और हमारे लेटेस्ट एआई ने उन सात सवालों को सही हल किया। फिजिक्स में भी ऐसा ही हुआ है। एक साल में यह एक अद्भुत बदलाव है।”
सैम ऑल्टमैन ने कहा कि रोजगार पर एआई के प्रभाव का अनुमान लगाना कठिन है। उन्होंने कहा, “मुझे टेक्नोलॉजी का इतिहास पढ़ना बहुत पसंद है। औद्योगिक क्रांति के दौरान लोग नौकरियों को लेकर बहुत चिंतित थे और उनका अनुमान पूरी तरह गलत था। यह बदलाव उतना तेज़ नहीं होगा जितना समाज के कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं। अंततः लोग करने के लिए नए काम ढूंढ ही लेंगे।”
भारत में चैटजीपीटी का इस्तेमाल
भारत चैटजीपीटी के सबसे अधिक उपयोगकर्ताओं वाले देशों में से एक के रूप में तेजी से उभर रहा है। ओपनएआई ने ओपनएआई सिग्नल्स नामक एक नई सार्वजनिक डेटा पहल के तहत खुलासा किया है कि भारत में उपयोगकर्ता चैटजीपीटी का उपयोग न केवल सामान्य प्रश्नों के लिए कर रहे हैं बल्कि कोडिंग, डेटा विश्लेषण, सीखने जैसे कई कामों के लिए भी तेजी से कर रहे हैं। यह सब वैश्विक औसत से कहीं अधिक दर पर हो रहा है।
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दिल्ली में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में ओपनएआई और एंथ्रोपिक के सीईओ ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा किया लेकिन जब अन्य नेता हाथ उठाकर एकजुटता दिखा रहे थे, तब दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं थामा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
