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सीएम ओमन चांडी का केंद्र से अनुरोध- ‘कोल्लम मंदिर की आग त्रासदी को घोषित करें राष्ट्रीय आपदा’

मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि अस्पतालों में पड़े शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण शुरू हो गए हैं और यह काम जल्दी ही पूरा हो जाएगा। कुल 13 शवों की पहचान अब भी बाकी है।

Author तिरुवनंतपुरम | April 13, 2016 9:43 PM
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी (पीटीआई फाइल फोटो)

केरल सरकार ने बुधवार (13 अप्रैल) को केंद्र से अनुरोध किया पुत्तिंगल देवी मंदिर हादसे को तत्काल एक राष्ट्रीय आपदा घोषित करे जिसमें 113 लोगों की जिंदगी चली गयी और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गये। बीते 10 अप्रैल को हुई त्रासदी के बाद अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र को बिना किसी देरी के इस त्रासदी को एक राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुवार (14 अप्रैल) को बुलाई जाने वाली सर्वदलीय बैठक में आतिशबाजी पर प्रतिबंध से जुड़ी नीति बनाने में सर्वसम्मति बनाने की कोशिश की जाएगी। चांडी ने कहा कि समाज का एक वर्ग धर्म आधारित पारंपरिक प्रक्रियाओं और रीतियों को रोकने के पक्ष में नहीं था। हालांकि, दूसरे समूह को लगता है कि ‘इस तरह’ की आपदा भविष्य में दोबारा नहीं आनी चाहिए। सरकार को दोनों के विचारों पर गौर करते हुए कोई हल निकालना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में पड़े शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण शुरू हो गए हैं और यह काम जल्दी ही पूरा हो जाएगा। कुल 13 शवों की पहचान अब भी बाकी है। चांडी ने कहा कि पुलिस को मिली शिकायतों के अनुसार, 21 लोग क्षेत्र में हुई त्रासदी के बाद से लापता हैं। उन्होंने विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि ऐसी भी संभावना है कि किसी व्यक्ति का पूरा शरीर जल गया हो, ऐसे में उसका डीएनए परीक्षण भी मुश्किल हो जाएगा।

चांडी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अब अस्पतालों में उपचार करवा रहे घायलों को अच्छे से अच्छा इलाज उपलब्ध करवाने की है। चांडी ने कहा कि अडूर प्राकेश, वी एस शिवकुमार और शिबू बेबी जॉन की सदस्यता वाली मंत्रिमंडल की एक उप समिति कल दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी और इलाके में हुए नुकसान का जायजा लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास और क्षतिपूर्ति पैकेज पर फैसला किया जाएगा।’’

इस त्रासदी की पृष्ठभूमि में गृहमंत्री रमेश चेन्नीतला के इस्तीफे की मांग करने वाले माकपा के प्रदेश सचिव कोडियेरी बालकृष्णन की आलोचना करते हुए चांडी ने कहा, ‘‘कुछ लोग इस दुर्घटना के राजनीतिकरण की कोशिश कर रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सही नहीं है।’’ उन्होंने एलडीएफ के पूर्व शासन के दौरान सबरीमाला में मची भगदड़ और थेक्कडी नौका त्रासदी को याद करते हुए कहा कि उस समय विपक्ष में मौजूद यूडीएफ ने तत्कालीन गृहमंत्री बालकृष्णन का इस्तीफा नहीं मांगा था। चांडी ने कहा, ‘‘ऐसे समय में, हम सबको एकजुट होकर पीड़ितों की मदद करनी है। बालकृष्ण का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

दुर्घटना की जिम्मेदारी तय करने में हो रही देरी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एक मामला दर्ज हो चुका है और जांच जारी है। ‘‘जांच जारी होने के दौरान मेरा टिप्पणी करना सही नहीं होगा।’’ हालांकि चांडी ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिस भी व्यक्ति को दुर्घटना का दोषी पाया जाएगा, उसे न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कोल्लम जिला कलेक्टर की उस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, जिसके अनुसार, प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद जिला पुलिस आतिशबाजी रोकने में विफल रही थी।

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