ताज़ा खबर
 

निर्भया फंड का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे राज्य, तीन साल में मात्र 20% रकम ही खर्च; यूपी-महाराष्ट्र का हाल और बुरा

बता दें कि 2012 में नई दिल्ली में एक चलती बस में एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ हुई गैंगरेप के बाद यूपीए-2 के शासन में निर्भया फंड की स्थापना की गई थी। इस फंड की शुरुआत 1000 करोड़ रुपए के साथ की गई थी।

Author नई दिल्ली | June 30, 2019 7:58 PM
निर्भया फंड का राज्य और केंद्र शासित राज्यों ने 20 प्रतिशत से भी कम इस्तेमाल किया है।(फाइल फोटो)

केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए जारी किए गए निर्भया फंड का राज्य और केंद्र शासित राज्यों ने 20 प्रतिशत से भी कम इस्तेमाल किया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक यह फंड साल 2015 से 2018 के लिए आवंटित किए गए थे। कुल 1,813 करोड़ का फंड केंद्र द्वारा आवंटित किया गया था। द हिंदू ने शुक्रवार को लोकसभा में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा साल 2018 तक जारी की गई राशि के इस्तेमाल का विश्लेषण किया। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए 854.66 करोड़ रुपये में से मात्र 165.48 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने किया। इस राशि का इस्तेमाल विभिन्न योजनाओं और स्थानीय सरकारों द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिए मांगे गए फंड के तहत खर्च की गई है।

बता दें कि 2012 में नई दिल्ली में एक चलती बस में एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ हुई गैंगरेप के बाद यूपीए-2 के शासन में निर्भया फंड की स्थापना की गई थी। इस फंड की शुरुआत 1000 करोड़ रुपए के साथ की गई थी। पिछले छह सालों में इस फंड के लिए वित्त बजट में 3600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा चुका है। राज्यों को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली, केंद्रीय पीड़ित मुआवजा कोष, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध रोकथाम, वन स्टॉप स्कीम, महिला पुलिस स्वयंसेवी और महिला हेल्पलाइन योजना के तहत राशि की आवंटन किया गया है।

अगर शीर्ष पांच राज्यों की बात करें जिन्होंने फंड का सबसे अधिक इस्तेमाल किया है तो पहले स्थान पर चंडीगढ़ का नाम आता है। चंडीगढ़ ने फंड का 59.83 प्रतिशत हिस्सा प्रयोग में लिया है। दूसरे पर मिजोरम (56.32%) का तीसरे पर उत्तराखंड (51.68%),चौथे पर आंध्र प्रदेश (43.23%) और पांचवें पर नागालैंड (38.17%) का नाम है।

इसके अलावा पांच उन राज्यों की बात करें जिनका प्रदर्शन फंड खर्च करने में खराब रहा है तो मणिपुर, महाराष्ट्र और लक्ष्यद्वीप ने एक भी पैसे का इस्तेमाल नहीं किया है। वहीं पश्चिम बंगाल (0.76 फीसदी) और दिल्ली (0.84 फीसदी) ने फंड से खर्च किया है।आंकड़े दर्शाते हैं कि सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध रोकथाम योजना के लिए एक भी पैसा इस्तेमाल नहीं किया गया है। जबकि केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 2017 में 93.12 करोड़ रुपये जारी किए थे।फंड के इस्तेमाल के मामले में कई राज्यों का प्रदर्शन खराब होने के बावजूद भी केंद्र ने इन राज्यों के फंड अवांटित किए हैं।

 

हालाँकि, राज्यों द्वारा उन्हें दिए गए धन का उपयोग करने में एक खराब रिकॉर्ड के बावजूद, केंद्र ने वन स्टॉप स्कीम और महिला हेल्पलाइन योजना के 181 हेल्पलाइन  नंबर के धन आवंटित किए।  बिहार को 2015 और 2019 के बीच वन स्टॉप केंद्रों के लिए 5.20 करोड़ रुपये  दिए गए लेकिन इसके बावजूद बिहार सरकार की तरफ से एक रुपए भी इस्तेमाल में नहीं लिया गया लेकिन, 2019 और 2020 में फिर से केंद्र द्वारा बिहार को 3.9 करोड़ रुपये दिए गए। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में भी महिला हेल्पलाइन योजना के लिए दिए गए 1.91 करोड़ रुपये धन का कोई इस्तेमाल नहीं हुआ फिर भी 2019 में इसे फिर से 46.5 लाख रुपये दिए गए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 कांग्रेसी MP प्रताप सिंह बाजवा का बड़ा बयान- कांग्रेसी मुख्यमंत्री दें इस्तीफा, बदलाव के लिए चीफ को दें खुला हाथ
2 तेलंगानाः TRS विधायक के भाई ने महिला पुलिस अफसर पर बरसाई ताबड़तोड़ लाठियां, देखें VIDEO
3 Kerala Lottery Pournami RN-398 Today Results 30.6.19: सभी विजेताओं के लकी लॉटरी नंबर देखें