ताज़ा खबर
 

गलवान घाटी में सिर्फ 100 सैनिकों से मात खा गए 350 चीनी, भारतीय इलाका छोड़ने पर होना पड़ा मजबूर, कर्नल संतोष बाबू की शहादत से भड़के थे बिहार रेजिमेंट के जांबाज

Clash in galwan valley: झड़प में भारतीय सेना के 100 जवान ही थे, जबकि चीन के 350 सैनिक मौके पर मौजूद थे। हालांकि इसके बाद भी बिहार रेजिमेंट के भारतीय सैनिकों ने चीनी चौकी को हटाने में सफलता हासिल की।

india chinaगलवान घाटी में सिर्फ 100 भारतीय सैनिकों से पस्त हुए 350 चीनी

भारतीय सैनिकों ने 15 जून की शाम को जिस जांबाजी से चीनी सेना के जवानों को लद्दाख की गलवान घाटी से हटाने का काम किया है, उससे ड्रैगन को यह संदेश जरूर गया होगा कि अब भारत 1962 जैसा नहीं रहा। भारतीय सेना की 3 इन्फैंट्री डिविजन कमांडर अन्य सीनियर अफसरों के साथ पूर्वी लद्दाख सेक्टर के वाई-जंक्शन पर मौजूद थे, जो श्योक और गलवान नदियों के पास है। इस बीच 16 बिहार रेजिमेंट समेत सेना के जवानों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि चीनी अपनी चौकी को हटा लें। इसके लिए संदेश भेजा गया।

चीन ने गलवान घाटी में अतिक्रमण कर जो चौकी स्थापित की थी, उसमें 10 से 12 जवान तैनात थे। इंडियन पैट्रोलिंग टीम ने उनसे कहा था कि सीनियर लेवल पर बातचीत में सहमति बन गई है और वे अब पीछे हट जाएं। चीनी सैनिकों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद भारतीय पैट्रोलिंग टीम वापस लौट आई और अपनी यूनिट को स्थिति के बारे में बताया।

इसके बाद भारतीय सेना के 50 जवान उस चौकी की ओर रवाना हुए, जिसका नेतृत्व 16 बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू कर रहे थे। भारतीय जवानों ने चौकी पर जाकर चीनियों से कहा कि वे पीछे हट जाएं क्योंकि वे भारत के इलाके में हैं। हालांकि इस दौरान जब तक भारतीय सैनिक 50 की संख्या में पहुंचे थे, तब तक चीनियों ने पिछली चौकियों से मदद मांग ली थी। मौके पर 300 से 350 चीन के सैनिक मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक चीन ने मौके पर बड़े पैमाने पर पत्थर और अन्य हथियार जुटा लिए थे।

इस बीच संतोष बाबू के नेतृत्व में पहुंची भारतीय टीम और चीनी सैनिकों के बीच बातचीत होने लगी, जो झड़प में तब्दील हो गई। भारतीय सैनिक चीन के टेंट उखाड़ने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान चीनी सैनिकों ने संतोष बाबू और हवलदार पलानी पर हमला बोल दिया। संतोष बाबू की शहादत के बाद भारतीय सैनिकों ने आपा खो दिया और चीनी सैनिकों पर बुरी तरह से हमला करना शुरू कर दिया।

दोनों देशों के बीच पत्थरों से ही यह हिंसक झड़प करीब तीन घंटे तक चली। इस दौरान कई चीनी सैनिक मारे गए या फिर बुरी तरह से घायल हो गए। जब सुबह हुई और माहौल कुछ शांत हुआ तो खुले मैदान में ही कई चीनी सैनिकों के शव पड़े हुए थे, जिन्हें भारतीय सेना ने चीन को सौंप दिया। सूत्रों के मुताबिक इस पूरी झड़प में भारतीय सेना के 100 जवान ही थे, जबकि चीन के 350 सैनिक मौके पर मौजूद थे। हालांकि इसके बाद भी बिहार रेजिमेंट के भारतीय सैनिकों ने चीनी चौकी को हटाने में सफलता हासिल की।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 राहुल गांधी के ‘सरेंडर मोदी’ वाले बयान पर भड़की BJP , कहा- दुश्मन देश के नेता भी ऐसी भाषा इस्तेमाल नहीं करते, माफी मांगें
2 गलवान झड़प में मारते-मारते शहीद हुए भारतीय जाँबाज़: 18 चीनी सैनिकों की गर्दन तोड़ी थी; चेहरे भी कूच डाले थे; मीडिया रिपोर्ट में दावा
3 ‘नरेंद्र मोदी नहीं, सरेंडर मोदी हैं ये’, लद्दाख में चीन के खिलाफ जमीन के समर्पण के आरोपों के साथ राहुल गांधी का PM पर हमला
ये पढ़ा क्या...
X