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शशि थरूर को 2019 लोकसभा चुनावों के लिए पीएम उम्‍मीदवार बनाने के लिए पिटिशन दाखिल

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के एक व्‍यक्ति ने इंटरनेट पर यह पिटिशन शुरू की है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर को 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन(यूपीए) की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्‍मीदवार बनाए जाने के लिए ऑनलाइन पिटिशन शुरू की गई है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर को 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन(यूपीए) की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्‍मीदवार बनाए जाने के लिए ऑनलाइन पिटिशन शुरू की गई है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के एक व्‍यक्ति ने इंटरनेट पर यह पिटिशन शुरू की है। इसमें लिखा है, ”थरूर को राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय मामलों की गहरी जानकारी है और वह काफी क्‍वालिफाइड हैं। वह भारत और विदेश के नेताओं से भी जुड़ सकते हैं।” इस पिटिशन को अभी तक 6725 लोग समर्थन कर चुके हैं। थरूर के लिए आगे लिखा है, ”2019 के लिए हम यूपीए की ओर से डॉक्‍टर शशि थरूर को प्रधानमंत्री पद के लिए उम्‍मीदवार के तौर पर नामांकित करते हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के हित में है और विपक्ष को फिर से खड़ा करने के लिए है।”

थरूर तिरुवनंतपुरम से दो बार कांग्रेस के सांसद चुने जा चुके हैं और वे 30 साल तक संयुक्‍त राष्‍ट्र में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं। वह कम्‍युनिकेशन एवं पब्लिक इंफॉर्मेशन के अंडर सेक्रेटरी जनरल के रूप में भी काम कर चुके हैं। वे कई किताबें भी लिख चुके हैं जिन्‍हें काफी सराहना भी मिली है। हाल ही में उनकी किताब इनग्‍लोरियस एंपायर जारी हुई है जिसे काफी पसंद किया जा रहा है। इस किताब ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। हाल के कुछ महीनों में वे कांग्रेस के बाकी नेताओं की तुलना में सबसे ज्‍यादा सक्रिय नजर आए हैं। सोशल मीडिया पर भी वे काफी सक्रिय है। साल 2013 तक वे भारत की ओर से सबसे लोकप्रिय नेता थे। हालांकि बाद में नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें पीछे छोड़ दिया। वर्तमान में थरूर के 49 लाख फॉलोअर हैं।

बता दें कि कांग्रेस साल 2014 में केंद्र की सत्‍ता से बाहर होने के बाद से बुरे दौर से गुजर रही है। इन चुनावों में उसे केवल 44 सीटें मिली थी जो कि उसका सबसे खराब प्रदर्शन था। इसके बाद से राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस का हाल बेहाल ही रहा है। वह महाराष्‍ट्र, हरियाणा, असम, केरल, दिल्‍ली, राजस्‍थान, झारखंड में सत्‍ता गंवा चुकी है। हाल ही में पांच राज्‍यों के चुनावें में भी उसे झटका लगा है। उत्‍तराखंड में उसके हाथ से सत्‍ता निकल गई। वहीं यूपी में भी उसका प्रदर्शन अब तक के सबसे निचले स्‍तर पर गिर गया। वह केवल 7 सीटों पर सिमट गई है।

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