Air India Plane Crash: पिछले साल 12 जून को बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर एक मेडिकल कॉलेज से टकरा गया। इस हादसे में फ्लाइट में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई। साथ ही, 67 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सागर पटेल की मां हसुमतीबेन पटेल, भारत में अपने परिवार से मिलकर यूके लौट रही थीं।

जब पिछले साल 12 जून को सागर पटेल की मां एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 में बैठीं, तो उन्होंने टेक-ऑफ से पहले हमेशा की तरह अपने बेटे को फोन किया। यह फ्लाइट गुजरात में अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट से गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली थी।

मैं आपको लेने आऊंगा- पटेल

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन में बिजनेस मैनेजर पटेल ने कहा, “हमारी हमेशा से एक छोटी सी पारंपरिक बात थी। फ्लाइट में बैठने के बाद, वह अपनी सीट पर बैठकर मुझे फोन करती थीं। वह कहती थीं, ‘हां, मैं फ्लाइट में हूं। बाद में मिलते हैं।'” उन्हें याद है कि उन्होंने अपनी मां से पूछा था कि वह रात के खाने में क्या लेना पसंद करेंगी। उन्होंने बताया, “मैंने उनसे कहा, ‘मैं आपको लेने आऊंगा। बाद में मिलते हैं।’ वह उनसे मेरी आखिरी बातचीत थी।”

हमने सचमुच परिवार का दिल खो दिया- पीड़ित परिवार

हादसे के एक साल बाद भी पीड़ित परिवार के सदस्य कहते हैं कि वे अभी भी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ था। उन्होंने कहा, “हमने सचमुच परिवार का दिल खो दिया है। मेरे पिता के निधन के बाद, मेरी मां ही मेरे लिए सबसे बड़ा सहारा थीं। वही मेरी ताकत थीं।”

अपनी मां को खोने का परिवार पर गहरा असर पड़ा है। वह उनके, उनकी पत्नी और बेटी के साथ रहती थीं। पटेल ने कहा, “जब मैं भारत से लौटा और घर में दाखिल हुआ, तो मेरी बेटी अपने बेडरूम में उन्हें ढूंढ रही थी। यह देखना बहुत दुखद था।”

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गुजरात कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में फाइनल ईयर के पीजी स्टूडेंट टैडी म्रा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मुझे लगता है कि अगर वे वहां नया (हॉस्टल) बनाते हैं, तो वहां कोई नहीं रहेगा। जरा सोचिए, वहां लगभग 260 लोगों की मौत हुई है। मुझे नहीं लगता कि कोई वहां रहेगा। इतनी भयानक (घटना) हुई थी। वहां कोई नहीं रहेगा।” यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…