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ममता के करीबी नेता फिरहाद हकीम ने गार्डन रीच विस क्षेत्र को बताया मिनी पाकिस्‍तान

हाकिम ने द डॉन की रिपोर्टर मलीहा हामिद सिद्दीकी से गार्डन रीच इलाके में रैली के दौरान कहा कि आप हमारे साथ आइए। हम आपको कोलकाता के मिनी पाकिस्तान में ले चलते हैं।

पाकिस्‍तान के प्रमुख अखबार डॉन ने फिरहाद हकीम की खबर के साथ अपनी वेबसाइट पर तस्‍वीर डाली है।

पश्चिम बंगाल में शनिवार को पांचवें चरण के मतदान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के नेता फिरहाद हकीम ने 24 परगना जिले के विधानसभा क्षेत्र ‘गार्डन रीच’ को मिनी पाकिस्तान कह डाला। उन्‍होंने यह बात पाकिस्‍तानी अखबार द डॉन की पत्रकार के साथ बातचीत में कही। हाकिम ने द डॉन की रिपोर्टर मलीहा हामिद सिद्दीकी से गार्डन रीच इलाके में रैली के दौरान कहा कि आप हमारे साथ आइए। हम आपको कोलकाता के मिनी पाकिस्तान में ले चलते हैं। बाद में जब हकीम से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्‍होंने कहा, ‘आप सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश ना करें। मैं इस मुद्दे पर ज्यादा नहीं बोलूंगा। पीएम मोदी चार बार पाकिस्तान जा सकते हैं और अगर मैं किसी को मिनी पाकिस्तान कह देता हूं तो उससे क्या फर्क पड़ता है?’ दूसरी ओर पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि हाकिम का यह बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। फिरहाद कोलकाता पोर्ट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

डॉन की रिपोर्टर ने दावा किया है कि वह फिरहाद के साथ गार्डन रीच विधानसभा क्षेत्र के एक हिस्‍से में गईं। उन्‍होंने अवध के नवाब वाजिद अली शाह का वह घर भी देखा, जिसमें उन्‍होंने अपने जीवन के 30 साल बिताए। रिपोर्टर के साथ बातचीत में फिरहाद ने बताया कि उनके दादा बिहार के गया जिले से कोलकाता आ गए थे और यहीं पर उन्‍होंने अपना बिजनेस जमाया। उनके पिता अब्‍दुल हकीम कलकत्‍ता डॉक लेबर बोर्ड में लॉ ऑफिसर थे और उनकी मां टीचर। फिरहाद ने बताया कि उनका पैतृक गांव फरीदपुर में हैं, जो कि अब बांग्‍लादेश में हैं।

फिरहाद पार्टी वर्करों के बीच बॉबी फिरहाद के नाम से मशहूर हैं। उन्‍होंने बताया कि उनका यह निक नेम ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेटर बॉबी सिम्‍पसन के नाम पर पड़ा। मजाकिया अंदाज में उन्‍होंने कहा, ‘मेरा नाम डिंपल कपाडि़या के नाम पर नहीं पड़ा है, जिनकी पहली फिल्‍म बॉबी थी।’ यह सुनकर सभी हंसने लगे। पॉटिटिक्‍स में एंट्री के बारे में फिरहाद के हवाले से डॉन ने लिखा कि वह आर्थिक-सामाजिक मुद्दों में काफी रुचि रखते थे। यही बात उन्‍हें राजनीति में ले आई। सबसे पहले वह पार्षद चुने गए थे। 15 साल तक पार्षद रहने के बाद वह विधायक चुने गए और इस समय ममता सरकार में शहरी विकास मंत्री हैं।

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