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और उग्र हुए किसान! लाल किले की प्राचीर पर जा फहराए अपने झंडे; देखें, कैसे मचाया उत्पात

गणतंत्र दिवस पर नेताओं की गैर-मौजूदगी में किसान उग्र हो गए और लाल किले की प्राचीर पर अपने दल के झंडे फहरा दिए।

प्रदर्शनकारी ने लाल किले की प्रचीर पर झंडा फहरा दिया।

गणतंत्र दिवस पर नेताओं की गैर-मौजूदगी में किसान उग्र हो गए और लाल किले की प्राचीर पर अपने दल के झंडे फहरा दिए। हैरत की बात है, जहां से पीएम 15 अगस्त को तिरंगा फहराते हैं, वहां से देश का नहीं बल्कि कोई और झंडा लहराकर किसानों ने हुड़दंग मचाया। इससे पहले ITO में किसान और पुलिस के बीच झड़प हुई। मामले में बीकेयू दोआबा – किसान एकता यूनियन के मंजीत सिंह राय ने कहा कि लाल किले पर पहुंचे लोग भी किसान हैं। हम उनसे शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। मालूम हो कि लाल किला पूरी तरह से प्रदर्शनकारियों के कब्जे में है। संयुक्ता किसान मोर्चा ने भी कहा कि अगर कुछ किसान लाल किले पर पहुंच गए हैं, तो उन्हें शांति बनाए रखनी चाहिए।फिलहाल पुलिसवाले ध्वज को उतारने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लाल किले पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को खदेड़ा, कुर्सियों को तोड़ा। लाल किले पर और अधिक तनाव पैदा हो गया है। कुर्सियां और लाइटें टूट गईं, पुलिस को पीछे धकेला जा रहा है। एक सिपाही घायल हो गया, उसे बाहर निकाला जा रहा है।

बता दें कि किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए समयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, हैदरपुर बादली मोड़,जहाँगीर पुरी, आदर्श नगर, आज़ादपुर, मॉडल टाउन, जीटीबी नगर, विश्व विद्यालय, विधानसभा और सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन बंद हैं। इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन और ग्रीन लाइन पर सभी स्टेशन बंद हैं।

आज गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के बीचोबीच किसान पुलिस से भिड़ गए। किसानों ने आज सुबह शहर की सीमाओं पर बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने किसानों को 12 बजे से 5 बजे के बीच “किसान परेड” आयोजित करने की अनुमति दी थी।समय से बहुत पहले किसानों ने मार्च शुरू किया और तय रास्तों से भटक गए। इसके कारण प्रदर्शनकारियों के साथ गतिरोध पैदा हो गया।जिसमें पुलिस ने आंसू गैस के गोल छोड़े और लाठीचार्ज किया। झड़पों में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

आज देश ने अपना 72 वां गणतंत्र दिवस मनाया। किसानों को दिल्ली में अपनी ट्रैक्टर रैली निकालने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, परेड शुरू होने से पहले ही किसान सुबह करीब 8 बजे सीमा पर आ गए और हजारों की संख्या में राजधानी में दाखिल हो गए।

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