ताज़ा खबर
 

शुक्रवार को कोरोना के एक दिन में रिकॉर्ड 88 हजार से अधिक मामले आए

देश में सबसे अधिक 47,827 नए मामले महाराष्ट्र से सामने आए। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 29,04,076 तक पहुंच गई है।

कोरोना वायरस टेस्ट के दौरान महिला का सैंपल लेता हेल्थ वर्कर। (फोटोः पीटीआई)

देश में कोरोना विषाणु संक्रमण के नए मामलों में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार देर रात दस बजे तक कोरोना के 88,781 नए मामले दर्ज किए गए। दूसरी ओर, शुक्रवार रात आठ बजे तक देश में कुल सात करोड़ से अधिक टीके लगाए गए।

देश में सबसे अधिक 47,827 नए मामले महाराष्ट्र से सामने आए। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 29,04,076 तक पहुंच गई है। पुणे में 9,086, मुंबई में 8,832 और नागपुर में 4,108 नए मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र के बाद देश में कर्नाटक में 4,991, छत्तीसगढ़ में 4,174, दिल्ली में 3,594, तमिलनाडु में 3,290, उत्तर प्रदेश में 2,967, पंजाब में 2,903, मध्य प्रदेश में 2,777, गुजरात में 2,640, केरल में 2,508, हरियाणा में 1,861, पश्चिम बंगाल में 1,733, राजस्थान में 1,422, आंध्र प्रदेश में 1,288, तेलंगाना में 965, बिहार में 662, झारखंड में 649, जम्मू कश्मीर में 517, ओड़ीशा में 461, हिमाचल प्रदेश में 408, उत्तराखंड में 364, चंडीगढ़ में 287, गोवा में 280 और पुडुचेरी में 213 नए मामले दर्ज किए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार रात आठ बजे तक देश में 7,06,18,026 कोरोना टीके लगाए जा चुके थे।

एक या दो दिन में कड़ी पाबंदी : उद्धव
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोरोना संक्रमण की ‘चिंताजनक स्थिति’ कायम रही तो जल्द ही राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की किल्लत पैदा हो सकती है। सोशल मीडिया पर राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि कोविड-19 के मामलों की रोकथाम के लिए एक या दो दिनों में कड़ी पाबंदी लगाई जाएगी।

चिंताजनक स्थिति वाले राज्यों ने रोकथाम में नहीं दिखाई तेजी : केंद्र
केंद्र ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के रोजाना के मामलों में वृद्धि के कारण चिंताजनक स्थिति वाले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने रोकथाम गतिविधियों को लागू करने में तेजी नहीं दिखाई है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने इन राज्यों को संक्रमण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक चिंताजनक स्थिति वाले 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और हरियाणा हैं। मंत्रालय ने कहा कि 31 मार्च तक 14 दिनों में कोविड-19 के मामलों में इन राज्यों का योगदान 90 फीसद, मौत के मामले में 90.5 फीसद हैं और कई राज्य पिछले साल के शीर्ष मामलों को पार कर चुके हैं या उसके करीब हैं।

बैठक में एक और चिंताजनक पहलू का उल्लेख किया गया कि टीयर-दो और टीयर-तीन के शहरों के साथ शहरों के आसपास के इलाके में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हो रही है और इन इलाकों से ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का प्रसार होने पर कमजोर स्वास्थ्य ढांचे के साथ स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत और सघन समीक्षा के बाद गौबा ने दोहराया कि रोकथाम के संबंध में ठोस प्रयास करने की जरूरत है और टीकाकरण बढ़ाते हुए तथा कोविड-19 के संबंध में उचित व्यवहार अपनाने पर जोर देते हुए निगरानी के कदम उठाए जाएं। (भाषा से इनपुट के साथ)

Next Stories
1 संकट: कोरोना की दूसरी लहर इस महीने होगी चरम पर
2 कोरोना का कहर: महाराष्ट्र, केरल, मध्य प्रदेश व पंजाब में बढ़ते मामलों से गहराई पाबंदियों की आशंका
3 डिबेट में एक दूसरे से भिड़े कांग्रेस-बीजेपी प्रवक्ता, पात्रा से बोलीं सुप्रिया श्रीनेत- तुम्हें चबा जाउंगी
ये पढ़ा क्या?
X