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नजरबंदी में मना उमर अब्दुल्ला का 50वां जन्मदिन, छह लोगों को मिली थी मिलने की इजाजत, कुछ ही दूर कैद थे पिता फारूक

उमर की छोटी बहन साफिया ने बताया, "मेरे पिता सुबह से बहुत दुखी हैं, वे अपने बेटे को जन्मदिन की मुबारकबाद नहीं दे पा रहे हैं। अगर वे बाहर होते तो सबसे पहले मुबारकबाद देते।"

जेल में नजरबंद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला मंगलवार को जीवन के 50 वर्ष पूरे कर लिए। हर साल उनका जन्मदिन परिवार वालों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धूमधाम से मनाया जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। वह नजरबंद हैं और नजरबंदी में ही उनका 50वां जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान केवल छह लोगों को ही उनसे मिलने की इजाजत मिल सकी। उनसे कुछ ही दूर पर नजरबंद उनके पिता फारूक अब्दुल्ला भी उनसे नहीं मिल सके।

उमर और फारूक दोनों लोग जेल में नजरबंद हैं। फारूक अब्दुल्ला को उनके घर में ही जेल बनाकर नजरबंद किया गया है, जबकि उनसे कुछ दूर स्थित श्रीनगर के गुप्कर के एक गेस्ट हाउस को जेल बनाकर उसमें उमर अब्दुल्ला को नजरबंद रखा गया है। उमर की छोटी बहन साफिया ने बताया, “मेरे पिता सुबह से बहुत दुखी हैं, वे अपने बेटे को जन्मदिन की मुबारकबाद नहीं दे पा रहे हैं। अगर वे बाहर होते तो सबसे पहले मुबारकबाद देते।” साफिया ने बताया कि फारूक ने फोन पर ही मुबारकबाद दी।

उमर ने जेल में जम्मू-कश्मीर के विभाजन और धारा 370 हटाने के विरोध में अपनी दाढ़ी बढ़ा ली है। वह नजरबंदी के दौरान काफी समय से अकेले हैं। मंगलवार शाम चार बजे उनकी मां मोली, बहन साफिया, उसके बेटे और तीन दूसरे रिश्तेदार, जिसमें दो उमर के चचेरे भाई हैं, जन्मदिन का केक लेकर वहां पहुंचे।

साफिया ने बताया,”केवल छह लोगों को उनसे मिलने की इजाजत दी गई। हम एक केक लेकर गए और उनका जन्मदिन मनाए।” साफिया ने बताया कि उमर के कुछ दोस्तों ने मिलने की इजाजत मांगी थी, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। उसने बताया, “केवल खून के रिश्ते वालों को ही मिलने की इजाजत दी गई।” उमर के दोनों बेटे जमीर और जहीर अपनी मां पायल के साथ दिल्ली में रह रहे हैं। वे भी जन्मदिन के मौके पर मौजूद नहीं रहे।

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