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कोरोना की जंग में अब हिन्दू-मुसलमान? उमर अब्दुल्ला और असदुद्दीन ओवैसी ने उठाए मीडिया पर सवाल

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को संप्रदायक मीडिया पर सवाल खड़े किए हैं।

नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी।

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन के बीच संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये आंकड़े तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल लोगों के कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद बढ़ते ही जा रहे हैं। इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे में कुछ मीडिया चैनल इसे हिन्दू-मुसलमान ऐंगल भी दे रहे हैं। इसपर नेशनल कांफ्रेंस के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और AIMIM पार्टी के मुखिया और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया पर सवाल खड़े किए हैं।

अब्दुल्ला ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाने के लिए मुसलमानों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। ट्विटर के जरिए वह उन लोगों की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जो तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को निशाना बना रहे थे। अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा ” अब सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के लिए मुसलमानों को निशाना बनाना ज्यादा आसान हो जाएगा।” अब्दुल्ला ने एक और ट्वीट कर लिखा ” पहली नज़र में यह प्रतीत होता है कि तब्लीगी जमात गैर-जिम्मेदार थे। लेकिन भारत में ज़्यादातर मुसलमानों ने सरकारी दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए उसका पालन किया है।”

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अब्दुल्ला ने ट्रोल करने वालों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर जो लोग हैश टैग तब्लीगी वायरस के साथ ट्वीट कर रहे हैं वह वायरस की तुलना में ज्यादा खतरनाक हैं क्योंकि यह लोग दिमागी रूप से बीमार होते हैं। उन्होंने लिखा कि देश के ज्यादातर मुसलमानों ने सरकारी नियमों और सलाहों का ठीक उसी तरह पालन किया है जैसे कि किसी और ने किया है। वहीं ओवैसी ने भी इसको लेकर मीडिया पर सवाल खड़े किए हैं।


बता दें तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल लोगों में कोरोना पॉज़िटिव का पहला मामला 17 मार्च को सामने आया था। इस समारोह में शामिल होने वाला एक शख्स तेलंगाना में पॉज़िटिव पाया गया था। इस मौत के बाद ही मरकज में शामिल लोगों कि मेडिकल स्क्रीनिंग शुरू की गई थी। अबतक तब्लीगी जमात में शामिल 8 लोगों की मौत हो चुकी है।

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