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कर्नाटक चुनाव: राहुल गांधी पर नरेंद्र मोदी ने बोला हमला तो ये सलाह दे रहे उमर अब्‍दुल्‍ला

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा है कि मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी पीएम मोदी की चुनौती को स्वीकार करेंगे और बिना पेपर नोट के 15 मिनट कर्नाटक सरकार की उपलब्धियों पर बोलेंगे।

उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी को दी एक सलाह। (image source-PTI/Reuters)

आज कर्नाटक के मैसूर में चामराजनगर इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राहुल गांधी को उनके सामने बिना पेपर के 15 मिनट बोलने की चुनौती दी है। अब जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी की चुनौती स्वीकार करने के लिए राहुल गांधी को एक सलाह दी है। उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा है कि मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी पीएम मोदी की चुनौती को स्वीकार करेंगे और बिना पेपर नोट के 15 मिनट कर्नाटक सरकार की उपलब्धियों पर बोलेंगे। इसके बाद हम पीएम मोदी से इस बात पर 2 मिनट बोलने के लिए कहेंगे कि 8 साल की बच्ची का बलात्कार और हत्या ‘छोटी घटना’ कैसे है?

उल्लेखनीय है कि बीती जनवरी जम्मू के कठुआ में एक 8 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना की चार्जशीट दाखिल होने पर पूरे देश में गुस्सा उबल पड़ा था। अब जम्मू कश्मीर मंत्रीमंडल में हुए फेरबदल के बाद उप-मुख्यमंत्री बने कविंद्र गुप्ता ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। दरअसल पत्रकारों से बात करते हुए कविंद्र गुप्ता ने कठुआ गैंगरेप की घटना को छोटी घटना बताते हुए इसे ज्यादा तूल नहीं देने की बात कही थी। बाद में अपने बयान पर हंगामा होते देख कविंद्र गुप्ता ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। गुप्ता ने कहा कि ‘कठुआ मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। अब उस पर कोर्ट तय करेगी, बार-बार उस मामले को छेड़ना ठीक नहीं है। इस मामले को तूल देना अच्छी बात नहीं है। मैंने ये कहा कि इस तरह के काफी मामले हैं, जानबूझकर इसको बढ़ाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’

कविंद्र गुप्ता के इसी बयान के आधार पर उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी पर ट्वीट के जरिए तंज कसा है। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने आज कर्नाटक की रैली में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्होंने (राहुल गांधी) मुझे चुनौती दी है कि अगर वह 15 मिनट बोलेंगे तो वह उनके सामने खड़े नहीं रह पाऊंगा? हां, आप ठीक कहते हैं, क्योंकि आप एक ‘नामदार’ हो, और हम ‘कामदार’। एक कामदार को तो आपके सामने बैठने का भी अधिकार नहीं है।

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