तेल के देश में पानी के लिए हाहाकार

ईरान दुनिया के शीर्ष तेल उत्पादक देशों में पांचवें पायदान पर है। तेल वहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है।

Iran
सांकेतिक फोटो।

ईरान दुनिया के शीर्ष तेल उत्पादक देशों में पांचवें पायदान पर है। तेल वहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। पर इन दिनों यह देश तेल उत्पादन या इसके लिए होने वाली हिंसक गतिविधियों के कारण नहीं बल्कि पानी के कारण चर्चा में है। पानी को लेकर वहां मचा हाहाकार एक बड़े संकट का रूप लेता जा रहा है। इस साल अप्रैल में ईरानी मौसम विज्ञान संगठन ने चेताया था कि ‘अभूतपूर्व सूखा’ और बारिश में भारी कमी रहने वाली है, जो कि वास्तव में लंबी अवधि के औसत से काफी नीचे रहेगा। कुछ ही दिनों में यह आशंका हकीकत में बदल गई।

जहां तेल उत्पादन वाले प्रांत खुजेस्तान में पानी की कमी के कारण लोग सड़कों पर उतर आए, तो वहीं दूसरे शहरों में ‘हाइड्रो इलेक्ट्रिक’ की कमी के खिलाफ प्रदर्शन हुए। आनन-फानन में सरकार को प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सहायता मुहैया करानी पड़ी। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन ने अनुमान लगाया है कि ईरान में अनाज की एक-तिहाई खेती की भूमि के लिए सिंचाई की जरूरत है। इसलिए बारिश न होना ईरान के लिए बड़े संकट की तरह है।

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