Jammu-Kashmir News: जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को पाला बदलने के लिए मनाकर उनकी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। उमर अब्दुल्ला ने अपनी दादी अकबर जहान की 26वीं पुण्यतिथि पर हजरतबल में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “आज जहां आपके पैसों का लालच नहीं चला, आपके मंत्रालय का लालच नहीं चला, वहां पर आप बंद कमरे में आप मेरे विधायकों से कह रहे हो, आओ हमारे साथ, आप जब हमारे साथ आओगे तो हम आपको रियासत देंगे। अल्लाह गवाह है कि अगर मेरे जम्मू के एक भी विधायक ने मुझसे यह बात नहीं कही हो। सुप्रीम कोर्ट का बीजेपी का एक वकील, मेरे एक जम्मू के एक विधायक से बंद कमरे में कहता है, हम आपको एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये देंगे। हमारे साथ आइए। लगता है कि इन लोगों का ईमान इतना सस्ता है। देखिए यहां स्टेज पर एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिलेगा जो 20 करोड़ रुपये या 100 करोड़ रुपये के लिए अपना ईमान बेचने को तैयार।”
इसके अलावा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकार के सत्ता में आने के बाद केंद्र को राज्य का दर्जा बहाल करने के अपने वादे को पूरा करने के लिए समय दिया था, लेकिन उनका दावा है कि वास्तविकता यह है कि वे स्थिति को इसी तरह बनाए रखना चाहते हैं।
आपको चुनाव ही नहीं कराने चाहिए थे- उमर अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनी हुई सरकार को प्रभावी ढंग से काम करने से रोका जा रहा है और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर उपराज्यपाल के माध्यम से जम्मू-कश्मीर पर शासन करने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा, “अगर आप सरकार को काम नहीं करने देंगे तो आपने हमें सरकार बनाने की अनुमति क्यों दी? इससे क्या लाभ है? फिर तो आपको चुनाव ही नहीं कराने चाहिए थे।” अब्दुल्ला ने स्पष्टता की मांग करते हुए केंद्र से यह बताने को कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए उचित समय क्या होना चाहिए।
सही समय के लिए मुझे क्या करना होगा- सीएम अब्दुल्ला
सीएम अब्दुल्ला ने कहा, “मैं उनसे पूछता हूं, अल्लाह के लिए, हमें कैसे पता चलेगा कि उचित समय आ गया है। उस उचित समय तक पहुंचने के लिए मुझे और मेरे सहयोगियों को क्या करना होगा।” उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या केंद्र द्वारा परिभाषित उचित समय जम्मू और कश्मीर में भाजपा के सत्ता में आने पर निर्भर करता है। संसदीय और विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि राज्य का दर्जा बहाल होने की उम्मीद में लोगों को और कितने चुनाव लड़ने होंगे।
यह भी पढ़ें: कश्मीर में पंजाब की वजह से मटन की सप्लाई में आई कमी, सीएम उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखा पत्र
कश्मीर में मटन की सप्लाई में कमी आ रही है। इसके कारण कश्मीर में शादियों का सीजन भी प्रभावित हो रहा है। मटन डीलरों के मुताबिक यह मुश्किल इसलिए हुई है क्योंकि पंजाब के कॉन्ट्रैक्टर राजस्थान और हरियाणा से जानवर लेकर कश्मीर जाने वाले ट्रकों से जबरदस्ती फ़ीस वसूल रहे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
