ओडिशा के एक सरकारी आवासीय स्कूल में 300 से अधिक छात्र और शिक्षक शनिवार से बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं। यह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति स्कूल केंद्रपाड़ा जिले के कुलासाही गांव में स्थित हैं। शनिवार से फंसे होने के बाजवजूद उन्हें बचाने के लिए अभी तक कोई भी मदद नहीं पहुंची है।

अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए छात्र सुरक्षित हैं, हालांकि पट्टामुंडई ब्लॉक की पेन्थापाला ग्राम पंचायत में स्थित 15 साल पुराने कुलासाही आश्रम स्कूल का निचला तल (ग्राउंड फ्लोर) 10 फीट गहरे पानी में डूबी हुई है और अभी वहां रहने वाले लोग पहली मंजिल के कमरों में रह रहे हैं।

स्कूल के चारों तरफ भरा बाढ़ का पानी

शनिवार को ब्राह्मणी नदी का बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद स्कूल चारों तरफ से पानी से घिर गया था। स्कूल बिल्डिंग की ग्राउंड फ्लोर, जहां कई छात्र रहते हैं, पानी में डूब गई है। इससे वहां रहने वाले सभी छात्र और शिक्षक पहली मंजिल पर रहने चले गए हैं।

तेज बहाव की वजह से राहत और बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही- अधिकारी

टीओआई के मुताबिक, पंट्टामुंडई के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) अजीत बारिक ने कहा कि स्कूल में एक सप्ताह तक खाना पकाने के लिए एलपीजी सिलेंडर है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि तेज बहाव की वजह से राहत और बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है और नाव चलाने वालों को उफनते पानी में नाव चलाने में मुश्किल आ रही है।

अधिकारी ने आगे कहा, “हम जिला प्रशासन के संपर्क में हैं और उन्होंने हमें मदद का भरोसा दिलाया है।”

केंद्रपाड़ा के कलेक्टर रघुराम आर. अय्यर ने बताया कि उन्होंने पट्टामुंडई ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर शीतल अग्रवाल और जिला कल्याण अधिकारी अरबिंदा रे को निर्देश दिए हैं कि वे फँसे हुए छात्रों और शिक्षकों को खाना, पीने का पानी और राहत का अन्य सामान उपलब्ध कराएं।

स्कूल के शिक्षकों ने क्या बताया?

एक शिक्षक ने बताया कि बिल्डिंग को पानी के तेज बहाव का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक ने कहा, “हमें बच्चों की सुरक्षा की चिंता है।”

स्कूल के एक और स्टाफ ने बताया कि नदी के किनारे निचले इलाके में बने इस स्कूल में हर साल बाढ़ की वजह से पानी भर जाता है। स्टाफ मेंबर ने कहा कि पानी का स्तर बढ़ने से पहले ही अधिकारियों को छात्रों को दूसरी जगह भेज देना चाहिए था। बच्चों की इस हालत को देखकर माता-पिता परेशान हैं।

श्रीरामपुर के जयंत मल्लिक ने कहा, “अधिकारियों ने समय रहते छात्रों को दूसरी जगह न भेजकर बड़ी लापरवाही की है। मोबाइल फोन ही हमारा एकमात्र सहारा हैं। मेरे बेटे ने मुझे बताया कि सभी छात्र पहली मंजिल के कमरों में ठूँस-ठूँसकर भरे हुए हैं और एक-दूसरे से सटकर सो रहे हैं।”

यह भी पढ़ें: असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1000 करोड़ से अधिक की जरूरत, पीएम ने मदद के लिए किया आश्वस्त- CM सरमा

असम में बाढ़ की वजह से हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। यह जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर बहुत बड़ा खर्चा होगा। हिमंता के मुताबिक, इस काम में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें