खराब होती जीवनशैली से मोटापे के साथ मधुमेह की समस्या 15 साल से अधिक उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्र में इसकी रफ्तार धीमी है, लेकिन शहरी क्षेत्र की तरह ग्रामीण इलाकों में प्रसार दिख रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6: 2023-24) के आंकड़ों के अनुसार देश में 15 से 49 साल के करीब हर तीसरे महिला व पुरुष में मोटापे की समस्या पाई गई है।
वहीं, 15 साल से अधिक वर्ग में मधुमेह का रोग बढ़ा है। हालांकि, राहत की बात है कि उच्च रक्तचाप में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 15-49 वर्ष आयु वर्ग की 30.7 फीसदी महिलाएं अधिक वजन या मोटापे (बीएमआई 25 या उससे अधिक) की श्रेणी में हैं। यह आंकड़ा एनएफएचएस-5 (2019-21) में 24 फीसदी था। तीन वर्षों में लगभग सात फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है। शहरी क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर है, जहां 42.8 फीसदी महिलाएं अधिक वजन या मोटापे की शिकार हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 25.5 फीसदी है।
आंकड़ों के अनुसार 15-49 वर्ष आयु वर्ग के 27.3 फीसदी पुरुष अधिक वजन या मोटापे की श्रेणी में हैं। एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 22.9 था। शहरी पुरुषों में 36.3 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 23 फीसदी पुरुषों में मोटापे की समस्या पाई गई। चिकित्सकों की मानें तो बढ़ती आय, शारीरिक श्रम में कमी, असंतुलित खानपान, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का बढ़ता उपयोग और बैठे-बैठे काम करने की प्रवृत्ति मोटापे की समस्या को बढ़ा रही है। मोटापे के कारण आगे चलकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कई अन्य गैर-संचारी रोगों का जोखिम भी बढ़ रहा है।
जागरूकता से तंबाकू और शराब सेवन में सुधार
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी जागरूकता से तंबाकू और शराब सेवन में सुधार दिखा है। तंबाकू सेवन में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की महिलाएं 8.4 फीसदी मिलीं। जो पहले 8.9 था। वहीं, पुरुषों में यह आंकड़ा 36.3 फीसदी मिला जो पहले 38.0 फीसदी था। वहीं, शराब सेवन के मामले में महिलाएं 1.1 फीसदी मिलीं जो पहले 1.3 फीसदी थीं। वहीं, पुरुषों में यह आंकड़ा बढ़कर 18.9 फीसदी हो गया। जो पहले 18.7 फीसदी था। चिकित्सकों का कहना है कि तंबाकू और शराब मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार देश में मधुमेह के आंकड़े भी चिंताजनक गति से बढ़ रहे हैं। 15 साल और उससे अधिक आयु के लोगों में रक्त शर्करा स्तर 140 एमजी/डीएल से अधिक या मधुमेह नियंत्रण की दवा लेने वालों का अनुपात महिलाओं में 17.8 फीसदी और पुरुषों में 20.9 फीसदी है। एनएफएचएस-5 में महिलाओं में 13.5 फीसदी और पुरुषों में 15.6 फीसदी था। महिलाओं में 9.1 फीसदी और पुरुषों में 10.9 फीसदी लोगों का रक्त शर्करा स्तर 160 एमजी/डीएल से भी अधिक पाया गया, जो गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
शहरी क्षेत्रों में मधुमेह का बोझ ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तंबाकू और शराब से दूरी तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच ही इससे बचाव हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वयस्कों में उच्च रक्तचाप के स्तर में सुधार दर्ज हुआ है। महिलाओं में उच्च रक्तचाप का स्तर एनएफएचएस-6 में 19.4 फीसदी पाया गया जो एनएफएचएस-5 में 21.3 था। वहीं, पुरुष में यह 22.1 फीसदी हो गया जो पहले 24.0 फीसदी था। शहरी क्षेत्रों में महिलाओं में उच्च रक्तचाप 23.5 फीसदी और पुरुषों में 26.2 फीसदी मिला।
