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‘ईसाई धर्मगुरुओं के यौन उत्पीड़न’ पर नन ने लिखी ऑटोबायोग्राफी, आवाज उठाने के लिए हो चुकी हैं बर्खास्त

Sister Lucy Kalappura ने कहा कि 'इस ऑटोबायोग्राफी में मैंने अपनी जिंदगी में नन के साथ हुई यौन अपराधों कों देखा है और इसी तजुर्बे के आधार पर यह किताब लिखी है।

Author Edited By Nishant Nandan Updated: December 3, 2019 11:37 AM
Sister Lucy Kalappura ने कहा कि ‘इस ऑटोबायोग्राफी में मैंने अपनी जिंदगी में नन के साथ हुई यौन अपराधों कों देखा है और इसी तजुर्बे के आधार पर यह किताब लिखी है। प्रतीकात्मक तस्वीर

ईसाई धर्मगुरुओं के यौन उत्पीड़न पर नन ने ऑटोबायोग्राफी (Autobiography) लिखी है। ‘Karthaavinte Naamathil (in the name of the Lord)’ के नाम से लिखी गई इस आत्मकथा में नन ने दावा किया है कि उन्होंने वहीं सबकुछ लिखा है जिसका अनुभव उन्होंने किया और जितना कुछ उन्होंने देखा है। ईसाई धर्मगुरुओं के द्वारा दी जाने वाली यौन प्रताड़ना पर आधारित इस ऑटोबायोग्राफी को लिखने वाली नन Sister Lucy Kalappura ने कहा कि ‘इस ऑटोबायोग्राफी में मैंने अपनी जिंदगी में नन के साथ हुई यौन अपराधों कों देखा है और इसी तजुर्बे के आधार पर यह किताब लिखी है.. इस बारे में सभी लोग जानते हैं लेकिन खामोश हैं।’

यहां आपको बता दें कि Sister Lucy Kalappura ने दुष्कर्म के आरोपी Bishop Franco Mulakkal के खिलाफ हुए प्रदर्शन में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। Bishop Franco Mulakkal, भारत में Roman Catholic clergy के वरिष्ठ सदस्य हैं। चर्च में काम करने वाली एक नन ने उनपर आरोप लगाया था कि उन्होंने साल 2014-16 के बीच कई बार उसके साथ बलात्कार किया।

इन आरोपों के बाद Bishop Mulakkal को पिछले साल गिरफ्तार कर लिया गया था। न्यूज एजेंसी ‘ANI’ से बातचीत करते हुए Sister Lucy Kalappura ने कहा कि मैंने साल 2004-05 में मैंने इसे लिखना शुरू किया था…साल 2002-03 में मुझे मंडली द्वारा मानसिक प्रताड़ना का कड़वा अनुभव हुआ था…इसीलिए मैंने सोचा कि उन सभी बातों का एक रिकॉर्ड रखना अच्छा होगा और फिर मैंने ऑटोबायोग्राफी लिखनी शुरू कर दी।’

नन पर होने वाली यौन प्रताड़ना के संबंध में बातचीत करते हुए सिस्टर ने कहा कि ‘चर्च के प्रमुख सिस्टर्स को सपोर्ट करते हैं…अब पीड़िताएं भी आरोपियों की मदद करने लगी हैं। यह Jesus Christ की दी हुई शिक्षा के खिलाफ है…मुझे इससे दुख होता है और मैं सोचती हुईं कि जो कुछ भी हो रहा है वो सब पब्लिश होना चाहिए।’

सिस्टर लुसी को इसी साल अगस्त के महीने में Franciscan Clarist Congregation (FCC), ने सस्पेंड कर दिया था। उनपर नियमों को तोड़ने का आरोप लगा था। सिस्टर पर लोन लेकर गाड़ी खरीदने, ड्राइविंग लाइसेंस रखने, किताल लिखने और बिना अपने वरिष्ठों की आज्ञा के पैसे खर्च करने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा कि उनपर लगाए गए कई चार्ज उन्हें बदनाम करने की एक कोशिश थी।

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