देशभर में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा NEET 2026 की परीक्षा दोबारा कराई जा रही है। 12 मई को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। अब यह परीक्षा फिर से हो रही है। इंडियन एक्सप्रेस ने 2018 से अब तक की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया है। 2018 में सरकार ने NTA का गठन किया था। अब इंडियन एक्सप्रेस ने अलग-अलग एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं की कार्यप्रणाली और उनके ट्रैक रिकॉर्ड के बीच के अंतर को समझने की कोशिश की है। साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया है कि किस एजेंसी का रिकॉर्ड ज्यादा साफ रहा है।
पिछले साल संसद में पेश की गई संसदीय स्थायी समिति की 371वीं रिपोर्ट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कामकाज पर सवाल उठाए गए थे। समिति ने जोर देकर कहा था कि 2024 में NTA द्वारा आयोजित 14 प्रतियोगी परीक्षाओं में से पांच परीक्षाओं पर गंभीर सवाल उठे थे। इसी वजह से UGC-NET, CSIR-NET और NEET-PG को स्थगित करना पड़ा था। NEET-UG में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई थीं, जबकि CUET के नतीजे भी टालने पड़े थे।
उस समय समिति ने JEE Main 2025 का भी जिक्र किया था। समिति के मुताबिक, जनवरी 2025 में JEE Main की जो परीक्षा हुई थी, उसमें अंतिम आंसर-की में हुई चूक की वजह से 12 प्रश्न हटाने पड़े थे। समिति ने माना था कि इस प्रकार की घटनाओं की वजह से छात्रों का भरोसा कमजोर होता है। उस समय भी समिति ने NTA को जल्द अपनी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे।
जानकारी के लिए बता दें कि NTA द्वारा NEET, JEE Main, UGC-NET, CSIR-NET और CUET जैसी परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। वहीं UPSC की सिविल सेवा परीक्षा, NDA परीक्षा, JEE Advanced और CAT की परीक्षा NTA द्वारा आयोजित नहीं की जाती हैं।
अब बात करते हैं NTA के ट्रैक रिकॉर्ड की। 2019 और 2020 तक NTA ने NEET, JEE Main और UGC-NET जैसी परीक्षाओं का आयोजन किया था। बड़ी बात यह रही कि उन दो वर्षों में कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया। पेपर लीक की कोई घटना भी देखने को नहीं मिली।
2021 में जरूर कुछ आरोप लगे थे। दरअसल, जयपुर में सोशल मीडिया पर NEET पेपर लीक की खबरें तेजी से फैल गई थीं। इसके बाद FIR दर्ज की गई थी। हालांकि, NTA ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था और देशभर में दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं करवाई गई थी।
इसी साल Affinity Education Private Limited का नाम भी सामने आया था। उसके खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की थी। आरोप था कि सोनीपत के एक परीक्षा केंद्र से कंप्यूटरों को हैक कर लिया गया था। 12 से 15 लाख रुपये लेकर अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे।
2021 में UGC-NET परीक्षा को लेकर भी विवाद हुआ था। तब कहा गया था कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक कर दिया गया है। लेकिन NTA ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था। एजेंसी ने जोर देकर कहा था कि किसी भी प्रकार के लीक का कोई सबूत नहीं मिला है।
2022 में NEET की परीक्षा भी हुई थी। तब कुछ परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे, लेकिन उन आरोपों की कभी पुष्टि नहीं हो पाई।
इसके बाद 2022 में UGC-NET परीक्षा का आयोजन हुआ था। तब छात्र संगठन SFI और AISA ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि इतिहास विषय का पेपर लीक हो गया है। NTA ने तब भी आरोपों को खारिज कर दिया था। यहां तक कहा था कि सोशल मीडिया पर जो प्रश्नपत्र वायरल हो रहा था, वह असली प्रश्नपत्र से अलग था।
2022 में CUET की शुरुआत हुई थी, लेकिन उसमें कई प्रकार की तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। परीक्षा संचालन में भी अव्यवस्था देखने को मिली थी, लेकिन पेपर लीक की कोई घटना सामने नहीं आई।
2024 में NEET-UG में जरूर एक बड़ा विवाद देखने को मिला था। हजारीबाग के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे NTA के ट्रंक से प्रश्नपत्र की फोटो खींच ली गई थी। आरोप था कि परीक्षा से करीब 24 घंटे पहले 30 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत में पेपर बेचे जा रहे थे। मामला तब उजागर हुआ जब 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल कर लिए।
इसके बाद CBI ने 45 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की थीं। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया, लेकिन पूरे देश में दोबारा परीक्षा कराने से इनकार कर दिया। सिर्फ 1,563 छात्रों के लिए री-एग्जाम कराया गया था। इनमें से 813 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे।
इसी तरह 2025 में CSIR-UGC NET परीक्षा में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे। हरियाणा से प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आई थी।
अब 2026 में NEET एक बार फिर विवादों में है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द तक करना पड़ गया। रविवार, 21 जून को परीक्षा फिर से आयोजित की जा रही है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल कर रहे थे। इसी वजह से ऐप पर अस्थायी रोक भी लगाई गई।
अब बात करते हैं NTA से बाहर की परीक्षाओं की। इंडियन एक्सप्रेस को अपनी पड़ताल में पता चला है कि गैर-NTA एजेंसियों द्वारा आयोजित कई बड़ी परीक्षाओं का रिकॉर्ड अपेक्षाकृत ज्यादा साफ और पारदर्शी रहा है।
बात अगर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की करें तो IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं के लिए होने वाली परीक्षा का रिकॉर्ड काफी साफ दिखाई देता है। राज्यसभा में खुद सरकार ने बताया था कि 2021 से 2026 के बीच UPSC परीक्षा के पेपर लीक की कोई घटना सामने नहीं आई।
इतना जरूर है कि एक गुजराती अखबार ने UPSC Prelims 2025 में पेपर लीक के आरोप लगाए थे, लेकिन UPSC ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। कोई FIR भी दर्ज नहीं की गई थी।
बात करें JEE Advanced परीक्षा की, तो पिछले कुछ वर्षों में यहां भी पेपर लीक का कोई मामला सामने नहीं आया है। CAT परीक्षा की बात करें तो यहां भी पिछले कुछ वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड साफ दिखाई देता है। हालांकि इसका इतिहास विवादों से अछूता नहीं रहा है।
साल 2003 में CAT परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। बिहार के रणजीत डॉन और उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद IIM में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा दोबारा आयोजित करनी पड़ी थी।
वैसे NTA से बाहर की कुछ ऐसी परीक्षाएं जरूर हैं जिन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। उदाहरण के लिए BPSC संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022, UP पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2024, RPSC सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 और UP शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक 2021।
यानी 2019 से 2023 के बीच NTA की अधिकांश परीक्षाएं बड़े विवादों से बची रही थीं। उस दौरान पेपर लीक के बड़े मामले सामने नहीं आए थे। लेकिन 2024 के बाद यह ट्रेंड बदलता दिखाई दिया और NEET, UGC-NET, CUET तथा कुछ दूसरी परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे। वहीं दूसरी तरफ UPSC, JEE Advanced और CAT जैसी परीक्षाओं का हालिया रिकॉर्ड अपेक्षाकृत ज्यादा साफ नजर आता है।
ये भी पढ़ें- Explained: नीट यूजी एग्जाम प्रेशर और छात्रों की मौत
